August 28, 2026

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हिंजेवाड़ी आईटी पार्क बना जलसमूह, बारिश ने बिगाड़ा हाल, वाहनों की लंबी कतार

शनिवार को पुणे के हिंजेवाड़ी आईटी पार्क में हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे क्षेत्र की तस्वीर ही बदल दी। जो इलाका आमतौर पर ट्रैफिक और तकनीकी गतिविधियों से गुलजार रहता है, वह जलजमाव के कारण किसी वेव पूल जैसा नजर आने लगा। पानी से लबालब भरी सड़कों ने न केवल यातायात को बाधित किया, बल्कि कर्मचारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी में डाल दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए दृश्य

हिंजेवाड़ी की भयावह स्थिति के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। एक वीडियो में देखा गया कि पुणे नगर निगम (PMC) की एसी बस आधे से ज्यादा पानी में डूबी हुई थी और धीमे-धीमे लहरों को चीरते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रही थी। वहीं दूसरे वीडियो में यात्री वाहनों और कारों को सड़क पर फंसा हुआ देखा गया, जिससे लंबा जाम लग गया।

जल निकासी की समस्या और निर्माण कार्य जिम्मेदार

राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क, जो करीब 400 आईटी और आईटी-सक्षम कंपनियों का केंद्र है, पहले से ही जल निकासी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। इलाके में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट और अन्य निर्माण कार्यों ने मारुंजी और मांची पहाड़ियों से बहने वाले प्राकृतिक वर्षा जल के प्रवाह को बाधित कर दिया है। नालियों की समय पर सफाई न होना और जल निकासी की व्यवस्था का अभाव इस संकट को और गंभीर बना देता है।

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सुप्रिया सुले का कड़ा बयान, एमआईडीसी से की कार्रवाई की मांग

एनसीपी (सपा) की सांसद सुप्रिया सुले ने हिंजेवाड़ी की स्थिति पर नाराजगी जताई और एमआईडीसी (Maharashtra Industrial Development Corporation) से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने जलमग्न सड़कों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा:

“हिंजवडी फेज 2 में रयान इंटरनेशनल स्कूल के पास भारी जलजमाव है। यह स्पष्ट नहीं है कि यहां जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था है या नहीं। समय पर नालियों की सफाई और दीर्घकालिक उपाय जरूरी हैं। एमआईडीसी को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।”

क्या है आगे की राह?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तत्काल समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले मानसून सीजन में स्थिति और बिगड़ सकती है। हिंजेवाड़ी जैसे संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में सस्टेनेबल ड्रेनेज सिस्टम, जल संचयन और समय पर नालियों की सफाई जैसे कदम उठाना जरूरी है।

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