August 28, 2026

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सुप्रीम कोर्ट में बिहार SIR और कांग्रेस के खिलाफ PIL पर अहम सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कांग्रेस पार्टी की मान्यता रद्द करने की मांग वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई होने जा रही है। इस याचिका ने कांग्रेस के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाने वाली कांग्रेस की मान्यता रद्द करने और विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की मांग की है। यह मामला संवैधानिक संस्था की साख और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल उठाता है।

कांग्रेस के खिलाफ याचिका का आधार

याचिकाकर्ता ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि इन नेताओं ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की साख को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है। याचिका में कहा गया है कि कांग्रेस ने अपनी स्थापना के समय संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी, लेकिन चुनाव आयोग के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान इस शपथ का उल्लंघन करता है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि कांग्रेस की मान्यता रद्द की जाए और नेताओं के कथित दुष्प्रचार की एसआईटी जांच हो। इसके साथ ही, याचिका में यह भी कहा गया है कि कांग्रेस के अभियान से चुनाव आयोग के कार्यों को गैरकानूनी तरीके से बाधित करने की कोशिश की जा रही है।

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‘वोट चोरी’ विवाद और नियमों का उल्लंघन

याचिका में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर कांग्रेस के रवैये को गैर-जिम्मेदाराना बताया गया है। याचिकाकर्ता ने प्रतिनिधित्व जनता अधिनियम, 1951 का हवाला देते हुए कहा है कि चुनाव आयोग को देशभर में मतदाता सूची तैयार करने और संशोधन करने का विशेष अधिकार है। कांग्रेस द्वारा आयोग पर लगाए गए आरोपों को इस अधिकार के खिलाफ माना गया है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में त्वरित सुनवाई और कथित दुष्प्रचार की जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। यह विवाद न केवल राजनीतिक बल्कि संवैधानिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।

बिहार में SIR प्रक्रिया पर सवाल

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई करेगा। इस सुनवाई में यह जांचा जाएगा कि बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण सही तरीके से हो रहा है या नहीं। SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और सटीक बनाना है, लेकिन इसे लेकर उठे विवादों ने इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बिहार के चुनावी परिदृश्य और मतदाता विश्वास पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

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