Ind-Sri Lanka: भारत ने श्रीलंका को 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता की, ताकि श्रीलंका एक बार फिर से अपनी डूबी अर्थव्यवस्था को उठाने की हिम्मत जुटा सके। ये केवल एक मदद नही है। ये दिखाता है कि सबका साथ सबका विकास भारत में केवल एक नारा नही है। बल्कि भारत के लोगो के रोम रोम में बसी एक विचारधारा है, भारत की संस्कृति है, और हमारे लोकतांत्रिक होने का सबसे बड़ा मूल है। भारत ने श्रीलंका की मदद कर के एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत दुख की घड़ी में सबसे पहले मदद के लिए आगे बढ़ता है। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। साथ ही जानेंगे कि भारत ने श्रीलंका की मदद किस प्रकार की। तो खबर को अंत तक पढ़ना न भूले।
Ind-Sri Lanka: डीटा साइक्लोन में भारत ने श्रीलंका की ऐसे मदद की
आपको बता दे कि हाल ही में श्रीलंका में आए डीटा साइक्लोन ने बड़ी तबाही मचाई। लाखों लोगो की जिंदगीयाँ एक झठके में बिखर गई। हज़ारो घर तबाह हो गए। बच्चे, बुढ़े और नौजवानो की जिन्दगी में एक ऐसा अंधेरा छया जिससे निकलना उनके लिए एक सपने जैसा बन गया। इसी अंधेरे के बीच अब भारत श्रीलंका के लिए एक नई उम्मीद बन कर सामने आया है। और श्रीलंका में मची तबाही के बीच भारत ने 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता श्रीलंका को दी है।
इन कामों में खर्च होंगे 450 मिलियन रुपय
जानकारी के लिए बता दे कि Ind-Sri Lanka रिश्ते में जब श्रीलंका में डीटा साइक्लोन ने भयंकर तबाही मचाई तब एक मित्र की तरह भारत ने बिना देर किए ऑपरेशन सागर बिंदु शुरु किया। Indian Navy ने INS VIKRANT की मदद से तुरंत राहत सामाग्री भिजवाई। 85 चिकित्सा कर्मियों ने 8,000 से अधिक लोगों का फौरन इलाज किया। इसके अलावा दो मोबाइल एंबुलेंस यूनिट्स भी श्रीलंका भेजी गईं। इतना ही नही MI 17 हेलीकॉप्टर और 80 सदस्यों की NDRF टीम ने एक राहत कार्यों में श्रीलंका की मदद की और ये संदेश दिया की आपदा के घड़ी में भारत और भारत के लोग हमेशा आगे रहेंगे। और अब भारत फिर दोस्ती का मिशाल पेश कर रहा है। श्रीलंका के पुनर्निर्माण के लिए 450 डॉलर की राशी, जिसका इस्तेमाल सड़क, रेलवे, पुल, घरों, स्वास्थ्य और शिक्षा प्रणाली, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।

संबंधित पोस्ट
India: दुनिया की अगली सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति?
Japan: पूर्व पीएम शिंजो आबे के हत्यारे को उम्रकैद की सजा, चुनाव प्रचार के दौरान हुआ था हमला
Donald Trump: उड़ान में तकनीकी ग्लिच , दावोस यात्रा जारी