नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन का कड़ा जवाब दिया। डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, वायुसेना के डीजीएमओ एयर मार्शल एके भारती और नौसेना के डीजीएमओ वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने 11 मई को एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत ने आतंकी ठिकानों और पाकिस्तानी सैन्य ढांचे पर सटीक और समन्वित हमले किए, जिससे पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया गया कि आक्रामकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि 10 मई को 15:35 बजे पाकिस्तानी डीजीएमओ के साथ उनकी बातचीत हुई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने 17:00 बजे से सीमा पर गोलीबारी और हवाई घुसपैठ रोकने पर सहमति जताई थी। इसके अलावा, 12 मई को 12:00 बजे इस समझौते की दीर्घकालिक व्यवस्था पर चर्चा करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, पाकिस्तान ने कुछ ही घंटों में इस समझौते का उल्लंघन किया। रात और सुबह के समय सीमा पार गोलीबारी और ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं हुईं।
जनरल घई ने कहा, “हमने इन उल्लंघनों का मजबूती से जवाब दिया। आज सुबह हमने अपने समकक्ष को एक और हॉटलाइन संदेश भेजा, जिसमें 10 मई के समझौते के उल्लंघन को रेखांकित किया गया और यह स्पष्ट किया गया कि यदि आज रात, बाद में या भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं, तो हमारा जवाब और भी कड़ा होगा।” उन्होंने यह भी बताया कि सेना प्रमुख ने सेना कमांडर को किसी भी उल्लंघन के जवाब में पूर्ण कार्रवाई की स्वतंत्रता दी है।
एयर मार्शल एके भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारतीय वायुसेना का लक्ष्य दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करना था, न कि हताहतों की गिनती करना। उन्होंने कहा, “हमने जो तरीके और साधन चुने, उनका दुश्मन के ठिकानों पर वांछित प्रभाव पड़ा। कितने लोग मरे, कितने घायल हुए, यह गिनना हमारा काम नहीं है। हमारा उद्देश्य लक्ष्य को नष्ट करना था।” उन्होंने बताया कि भारत ने चक्लाला, रफीक, रहीम यार खान, सरगोधा, भुलारी और जैकोबाबाद जैसे पाकिस्तानी वायु ठिकानों, कमांड सेंटरों, सैन्य ढांचे और वायु रक्षा प्रणालियों पर हमले किए। ये हमले पूरे पश्चिमी मोर्चे पर तेजी से और समन्वित रूप से किए गए।
पाकिस्तानी सेना की ओर से भारतीय सैन्य ढांचे और बुनियादी ढांचे पर हमले किए गए, जिसके जवाब में भारत ने भारी हथियारों का उपयोग किया। जनरल घई ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के बाद पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना के ढांचे पर हमले किए, जिसके जवाब में भारत ने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने अनुमान लगाया कि एलओसी पर 35-40 हताहत हुए हैं, हालांकि सटीक आंकड़े अभी तक सामने नहीं आए हैं।
भारत ने अपनी सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। यह कार्रवाई न केवल पाकिस्तान को एक मजबूत संदेश देती है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

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