August 27, 2026

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भारत को 2030 सेंचुरी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी: अहमदाबाद बनेगा वैश्विक खेल केंद्र!

खेल जगत में एक ऐतिहासिक पल आ गया है! 26 नवंबर 2025 को ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में 74 देशों और क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से भारत को 2030 के सेंचुरी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंप दी। गुजरात की सांस्कृतिक राजधानी अहमदाबाद (जिसे अमदावाद भी कहा जाता है) को आधिकारिक होस्ट सिटी चुना गया। यह 2010 के दिल्ली गेम्स के बाद भारत का दूसरा कॉमनवेल्थ आयोजन होगा और एशिया में तीसरा। 1930 में हैमिल्टन (कनाडा) में शुरू हुए इस बहु-खेल आयोजन का शताब्दी संस्करण अक्टूबर 2030 में अहमदाबाद में होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘विश्व को स्वागत करने का अवसर’ बताते हुए बधाई दी, जो भारत के 2036 ओलंपिक बोली को मजबूत करेगा। आइए, इस खुशी के पल को विस्तार से जानें।

ग्लासगो असेंबली में भारत की जीत: नाइजीरिया को पछाड़ा

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के एक्जीक्यूटिव बोर्ड ने अक्टूबर 2025 में ही अहमदाबाद को सिफारिश की थी। ग्लासगो में आयोजित असेंबली में नाइजीरिया के अबूजा को हराकर भारत ने यह बोली जीती। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के इंटरिम प्रेसिडेंट डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा, “यह कॉमनवेल्थ मूवमेंट के लिए नई सुनहरी शुरुआत है। भारत की युवा ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और खेल जुनून ने हमें प्रभावित किया।” भारत के प्रतिनिधिमंडल में इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की प्रेसिडेंट पी.टी. उषा, गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी और अन्य शामिल थे। घोषणा के ठीक बाद असेंबली हॉल में 20 गरबा डांसरों और 30 ढोल वादकों ने गुजराती संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया, जो 2030 के आयोजन की झलक था। यह प्रदर्शन ग्लासगो के भारतीय समुदाय और कॉमनवेल्थ देशों के सदस्यों द्वारा किया गया, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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अहमदाबाद: आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक धरोहर का संगम

अहमदाबाद को चुने जाने का मुख्य कारण इसका मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर है। शहर सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एंclave जैसे मौजूदा वेन्यू का उपयोग करेगा, जिसमें मामूली संशोधनों से सभी सुविधाएं तैयार हो जाएंगी। गुजरात सरकार ने इसे ‘गेम्स रीसेट’ सिद्धांतों के अनुरूप प्रस्तुत किया—नवीन, सहयोगी और टिकाऊ। शहर की सांस्कृतिक समृद्धि, जैसे गरबा और लोक नृत्य, आयोजन को रंगीन बनाएगी। IOA प्रेसिडेंट पी.टी. उषा ने कहा, “यह भारत के लिए गौरव का क्षण है। 2030 गेम्स न केवल शताब्दी मनाएंगे, बल्कि अगली सदी की नींव रखेंगे।” हाल के वर्षों में भारत ने पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप, वर्ल्ड एथलेटिक्स इंटरकॉन्टिनेंटल टूर और हॉकी वर्ल्ड कप जैसे इवेंट्स सफलतापूर्वक होस्ट किए हैं, जो अहमदाबाद की तैयारी को मजबूत बनाते हैं।

15-17 खेलों का आयोजन: T20 क्रिकेट सहित नए विकल्प

2030 गेम्स में 15-17 खेल शामिल होंगे, जिसमें एथलेटिक्स, स्विमिंग, टेबल टेनिस, बाउल्स, वेटलिफ्टिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, नेटबॉल और बॉक्सिंग जैसे कोर स्पोर्ट्स होंगे। पैरा-स्पोर्ट्स भी समानांतर होंगे। मेजबान देश के तौर पर भारत दो नए या पारंपरिक खेल प्रस्तावित कर सकता है—जिसमें T20 क्रिकेट प्रमुख दावेदार है। यह फैसला अगले महीने शुरू होने वाली प्रक्रिया से तय होगा, और पूरा प्रोग्राम 2026 तक घोषित हो जाएगा। ग्लासगो 2026 के बाद यह विस्तारित संस्करण होगा, जो बर्मिंघम 2022 (जिसमें भारत ने 61 मेडल जीते) से बड़ा होगा। आयोजन मौसमी मौसम को ध्यान में रखते हुए अक्टूबर में होगा।

भारत का वैश्विक खेल महत्वाकांक्षी: 2036 ओलंपिक की ओर कदम

यह जीत भारत की खेल मेजबानी क्षमता को वैश्विक पटल पर स्थापित करती है। 2010 दिल्ली गेम्स के बाद पहली बार ऐसा बड़ा इवेंट होस्ट करने से इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में जश्न मनाते हुए कहा, “यह 100वें वर्ष का आयोजन कॉमनवेल्थ और भारत दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।” नाइजीरिया को 2034 गेम्स के लिए विचार किया जा रहा है, जो अफ्रीका को मौका देगा। कुल मिलाकर, अहमदाबाद 2030 गेम्स भारत को 2036 समर ओलंपिक्स की दौड़ में मजबूत बनाएगा।

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