भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज 20 जून से शुरू हो रही है। इससे पहले भारतीय ए टीम इंग्लैंड लायंस के खिलाफ दो अनऑफिशियल टेस्ट मैच खेल रही है। इन मुकाबलों में कई युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन सबकी नजरें उस एक स्लॉट पर टिकी हैं – तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की भूमिका के लिए किसे चुना जाएगा? इस दौड़ में शार्दुल ठाकुर और नीतीश कुमार रेड्डी आमने-सामने हैं।
भारत ए बनाम इंग्लैंड लायंस मुकाबले के दूसरे दिन दोनों खिलाड़ियों ने गेंदबाजी की और सेलेक्टर्स को अपनी उपयोगिता दिखाने की पूरी कोशिश की। दोनों ने 6-6 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन उनके अंदाज में साफ फर्क नजर आया।
शार्दुल ठाकुर का अनुभव और रणनीति
शार्दुल ठाकुर को टेस्ट मैचों का अनुभव है और उन्होंने मुंबई के लिए नई गेंद से गेंदबाजी करते हुए खुद को साबित किया है। हालांकि इंग्लैंड दौरे में वे चौथे तेज गेंदबाज के रूप में इस्तेमाल हो सकते हैं। इस मैच में उन्होंने 13वें ओवर से गेंदबाजी शुरू की और लगातार छह ओवर की सटीक लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी की।
शार्दुल की खासियत उनकी विविधता है। पहले वे विकेट लेने के लिए लगातार प्रयोग करते थे, लेकिन इस बार उन्होंने दबाव बनाने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ राउंड द विकेट गेंदबाजी करते हुए ऑफ-कटर और बाउंसर का अच्छा इस्तेमाल किया। उनका स्पीड रेंज 77-79 मील प्रति घंटे रहा, जो इंग्लैंड की पिचों के लिए उपयुक्त है। सीम पोजिशन और उंगलियों की पकड़ ने दिखाया कि वे बल्लेबाजों को छकाने की योजना बना चुके हैं।

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नीतीश रेड्डी की नई उम्मीद
दूसरी ओर, नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ा। वे 35वें ओवर में आए और उन्होंने भी लगातार छह ओवर फेंके। उनका रन-अप छोटा था लेकिन गेंदबाजी में कोशिशें साफ झलक रही थीं। उन्होंने गेंद को बैकस्पिन के साथ स्विंग कराने की कोशिश की और कुछ मौकों पर सफल भी हुए।
खासकर दिन की आखिरी गेंद पर इनस्विंगिंग डिलीवरी ने सभी का ध्यान खींचा। इससे पहले उन्होंने एक शानदार यॉर्कर भी फेंकी थी जो बल्लेबाज को चकमा दे गई। वे भी राउंड द विकेट बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ गेंदबाजी कर रहे थे और विविधता दिखा रहे थे।
किसे मिलेगा मौका?
शार्दुल ठाकुर का अनुभव, विविधता और मानसिक मजबूती उन्हें नीतीश रेड्डी से थोड़ा आगे ले जाती है। हालांकि नीतीश की युवा ऊर्जा और तकनीकी समझ भविष्य के लिए बड़ा संकेत देती है। इंग्लैंड की परिस्थितियों में अनुभवी ऑलराउंडर की जरूरत को देखते हुए शुरुआती टेस्ट में शार्दुल को मौका मिल सकता है, लेकिन नीतीश रेड्डी इस सीरीज में कभी भी चौंका सकते हैं।
दोनों खिलाड़ियों ने यह दिखा दिया है कि भारत के पास तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में दो मजबूत विकल्प हैं, जो टेस्ट क्रिकेट में टीम को संतुलन दे सकते हैं।

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