JPSC Protest 2026
JPSC Protest 2026: झारखंड में JPSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन दो सप्ताह से ज्यादा समय से जारी है। इसी कड़ी में सोमवार, 10 अगस्त को छात्रों ने रांची में विधानसभा मार्च और घेराव का ऐलान किया है। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू है, जबकि शहर के प्रमुख स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
विधानसभा के आसपास पुलिस अलर्ट, छात्रों से शांति की अपील
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने कहा कि प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट किया गया है। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। एडीजी ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से छात्र अनुशासन बनाए रखते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रशासन चाहता है कि आगे भी आंदोलन इसी तरह शांतिपूर्ण रहे। पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को मार्च में शामिल होने से रोकने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है।
BJP का आरोप- प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू नजरबंद
JPSC छात्र आंदोलन के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बीजेपी नेता और प्रदेश महासचिव अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को कथित तौर पर नजरबंद कर दिया गया है। बाउरी ने कहा कि आदित्य साहू के आवास के बाहर सुरक्षा बलों की तैनाती करके सरकार छात्रों की आवाज को दबाने में सफल नहीं होगी। हालांकि, प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को विधानसभा मार्च और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उठाया गया कदम बताया गया है। इस आरोप के बाद बीजेपी और सरकार के बीच सियासी टकराव बढ़ने के आसार हैं।
हर जिले से छात्र पहुंच रहे रांची, 300-400 स्वयंसेवक तैनात
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने बताया कि विधानसभा मार्च में झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंच रहे हैं। उनके मुताबिक, छात्र सुबह 9 बजे से जुटना शुरू करेंगे और मार्च करीब 10:30 से 11 बजे के बीच शुरू होगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया जाएगा। छात्रों और आम लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील की गई है। आंदोलन को व्यवस्थित रखने के लिए करीब 300 से 400 स्वयंसेवकों की टीम तैयार की गई है, जो प्रदर्शन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेगी।
उपद्रवियों को रोकने की तैयारी, कानून-व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
छात्र नेता ने आशंका जताई है कि प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व शामिल होकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवक ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें प्रशासन के हवाले करेंगे। वहीं रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की हिंसा या अव्यवस्था से उनके करियर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन और छात्र संगठन दोनों शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर जोर दे रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि JPSC Protest 2026 के बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।