पंजाब में नशे की समस्या एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुकी है। इसे खत्म करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कड़ा रुख अपनाने का ऐलान किया है। उन्होंने पंजाब में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नशा बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और सरकार इस समस्या के जड़ से खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है।
नशे के खिलाफ अरविंद केजरीवाल का संकल्प
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा, “अगर आपका कोई जानने वाला, दोस्त या रिश्तेदार नशा करता है, तो उसे बचाने की जिम्मेदारी आपकी भी है। हमें कसम खानी है कि मैं खुद नशा नहीं करूंगा, नशा करने वालों को इससे बाहर निकालूंगा और नशा बेचने वाले को गिरफ्तार कराऊंगा।”
उन्होंने जनता से अपील की कि वे नशे के कारोबार को खत्म करने में सरकार का साथ दें। उनका कहना था कि जब तक समाज खुद जागरूक नहीं होगा, तब तक नशे को पूरी तरह से मिटाया नहीं जा सकता।
यह भी पढ़ें: वक्फ बोर्ड बिल: एक संवेदनशील मुद्दा या राजनीतिक चाल?
पंजाब में नशे की समस्या क्यों गंभीर है?
पंजाब में ड्रग्स का इस्तेमाल एक बड़ा सामाजिक मुद्दा है। रिपोर्टों के अनुसार:
- हर साल हजारों युवा नशे की चपेट में आ जाते हैं।
- ड्रग तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
- कई परिवार इस समस्या के कारण बर्बाद हो चुके हैं।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार ने नशा मुक्त पंजाब अभियान चलाने का फैसला किया है।
सरकार की रणनीति
अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में नशे के खिलाफ अपनी सरकार की तीन मुख्य रणनीतियां बताईं:
1. नशा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई
उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग माफिया को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नशा बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार पुलिस प्रशासन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए कदम उठा रही है।
2. नशा करने वालों की मदद
उन्होंने कहा कि नशा करने वाले अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित हैं। इसलिए सरकार नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने और पीड़ितों को सही चिकित्सा और परामर्श देने की योजना बना रही है।
3. जन-जागरूकता अभियान
केजरीवाल ने कहा कि सरकार अकेले यह लड़ाई नहीं जीत सकती। इसके लिए समाज को भी आगे आना होगा। स्कूलों, कॉलेजों और गाँव-गाँव में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि लोग नशे के दुष्परिणाम समझें और इसे पूरी तरह से त्यागें।
पंजाब के लोगों का समर्थन
अरविंद केजरीवाल की इस घोषणा के बाद पंजाब के कई सामाजिक संगठनों और युवाओं ने इसे सकारात्मक पहल बताया। लोगों ने कहा कि यदि सरकार सही दिशा में काम करे, तो पंजाब को नशा मुक्त बनाया जा सकता है।
नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। अरविंद केजरीवाल का यह बयान पंजाब को नशे से मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने वादों को कैसे पूरा करती है और जनता इसमें कितना सहयोग देती है।

संबंधित पोस्ट
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ओवैसी का हमला
India-US Trade Deal पर राहुल गाँधी का मोदी पर पलटवार
‘Board of Peace’: शहबाज शरीफ ने ट्रंप से बढ़ाई नजदीकियां, दुनिया भर में चर्चा का विषय