August 29, 2026

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मेलोनी का भारत पर बड़ा बयान: वैश्विक संघर्षों में भारत की अहम भूमिका, UNGA में जोर

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र के दौरान भारत की वैश्विक शांति स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत दुनियाभर के चल रहे युद्धों को समाप्त करने में निर्णायक योगदान दे सकता है। यह बयान रूस-यूक्रेन संघर्ष समेत वैश्विक चुनौतियों के बीच आया है, जहां भारत की राजनयिक क्षमता को मेलोनी ने “बहुत महत्वपूर्ण” करार दिया। न्यूयॉर्क में ANI से बातचीत के दौरान मेलोनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे लगता है कि भारत बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।” यह बयान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हालिया फोन वार्ता के बाद आया है, जिसमें दोनों नेताओं ने यूक्रेन संकट के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर दिया।

भारत की शांति भूमिका पर फोकस

UNGA के 80वें सत्र के साइडलाइंस पर मेलोनी का यह बयान वैश्विक नेताओं के बीच चर्चा का केंद्र बन गया। उन्होंने भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि नई दिल्ली वैश्विक संघर्षों के समाधान में पुल का काम कर सकता है। विशेष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए मेलोनी ने भारत की तटस्थता और संवाद की नीति की तारीफ की। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए 25% अतिरिक्त टैरिफ के बीच आया, जिसकी भारत ने कड़ी आलोचना की है। मेलोनी ने कहा कि भारत जैसे उभरते शक्ति केंद्रों की भूमिका से ही वैश्विक स्थिरता संभव है। यह बयान न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि G20 और अन्य मंचों पर भारत की नेतृत्व क्षमता को भी प्रमाणित करता है।

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यूक्रेन शांति और रणनीतिक साझेदारी

यह बयान सितंबर 2025 की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी के बीच फोन कॉल के ठीक बाद आया। दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान प्रमुख था। मोदी ने राजनयिक प्रयासों में भारत के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की, जबकि मेलोनी ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। दोनों ने भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29 के तहत साझेदारी को गहरा करने पर सहमति जताई। इसमें निवेश, रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष, शिक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और आतंकवाद-रोधी सहयोग जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उत्कृष्ट बातचीत हुई। हमने भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और यूक्रेन संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के साझा हित पर पुन: प्रतिबद्धता जताई।” मेलोनी ने भारत के 2026 में आयोजित होने वाले AI इम्पैक्ट समिट की सफलता पर विश्वास व्यक्त किया। इसके अलावा, इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) पहल के तहत कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सहमति बनी, जो व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देगी। यह वार्ता G7 समिट के बाद दोनों नेताओं की मजबूत केमिस्ट्री को दर्शाती है।

भारत-इटली संबंधों में नई गति

मेलोनी ने भारत-EU FTA को “परस्पर लाभकारी” बताते हुए इसके शीघ्र निष्कर्ष के लिए इटली का पूर्ण समर्थन दोहराया। यह एग्रीमेंट व्यापार को दोगुना करने और नई निवेश संभावनाओं को खोलेगा। 2026 के AI इम्पैक्ट समिट पर मेलोनी का उत्साह भारत की डिजिटल नेतृत्व क्षमता को मान्यता देता है। दोनों देशों ने IMEC के माध्यम से मध्य पूर्व के साथ आर्थिक एकीकरण पर काम तेज करने का फैसला लिया, जो रूस-यूक्रेन युद्ध से प्रभावित ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगा। ये कदम भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत बनाते हैं, खासकर जब अमेरिका के टैरिफ से चुनौतियां बढ़ रही हैं। इटली भारत का छठा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 15 बिलियन यूरो को पार कर चुका है।

तीन साल की भयावहता और हालिया अपडेट

रूस-यूक्रेन युद्ध को फरवरी 2022 से तीन साल हो चुके हैं, और यह अब तक का सबसे घातक संघर्ष साबित हुआ है। यूक्रेनी शहरों पर रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों से हजारों नागरिक मारे गए, बिजली आपूर्ति चरमरा गई। यूक्रेन ने जवाबी कार्रवाई में रूस के आंतरिक इलाकों, जैसे तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा सुविधाओं पर ड्रोन हमले किए। सितंबर 2025 तक, यूक्रेन के कमांडर-इन-चीफ ओलेक्सांद्र सिरस्की के अनुसार, रूस को 2025 में ही 2,99,210 सैनिकों का नुकसान हुआ है। रूस ने जापड-2025 अभ्यास में यूक्रेन से सीखे गए ड्रोन युद्ध के सबक बेलारूस के साथ साझा किए।

हालिया अपडेट्स में रूस ने यूक्रेन के कोजाची लाहेरी में तीन नागरिकों की हत्या की, जो युद्ध अपराधों की कड़ी का हिस्सा है। यूक्रेन की लंबी दूरी की हड़तालों से रूस की तेल उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई, जिससे वैश्विक तेल बाजार पर दबाव पड़ा। रूस ने यूरोपीय शांति गारंटी को खारिज करते हुए पोलैंड हवाई क्षेत्र उल्लंघन जैसे हाइब्रिड हमले किए। युद्ध से यूक्रेन की थर्मल क्षमता 80% नष्ट हो चुकी है, और रूस ने 73 वर्ग मील क्षेत्र पर कब्जा किया। भारत की तटस्थता ने इसे शांति वार्ता के लिए आदर्श मध्यस्थ बनाया है।

शांति के लिए भारत की बढ़ती जिम्मेदारी

मेलोनी का बयान भारत की वैश्विक कूटनीति को नई ऊंचाई देता है। यूक्रेन जैसे संकटों में भारत की भूमिका न केवल द्विपक्षीय संबंध मजबूत करती है, बल्कि बहुपक्षीय मंचों पर उसकी साख बढ़ाती है। जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचता जा रहा है, भारत-इटली साझेदारी आर्थिक और रणनीतिक स्थिरता का आधार बनेगी। यह समय है कि वैश्विक नेता भारत जैसे देशों के साथ मिलकर शांति प्रयासों को गति दें।

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