Nitish Kumar
Nitish Kumar: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के खत्म होने के लगभग 5 महीने बाद आज सवाल फिर से वही है कि नीतीश कुमार के बाद अब बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। जानकारी के लिए आपको बता दे कि हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में अपनी सियासी पारी के अंत की घोषणा भी की थी। जिसके बाद से बिहार के सियायत में लगातार हलचल देखने को मिल रही है। नीतिश कुमार के इस ऐलान के बाद जेडीयू कार्यकर्ता बेहद भावुक नज़र आए और साथ ही नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक पारी की शुरुआत की भी खबरे जोरो शोर पर थी। अब आज इसी सिलसिले में नीतीश कुमार के बेटे Nishant Kumar आज जेडीयू में शामिल हुए। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। अधिक और पूरी जानकारी के लिए हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े।
Nitish Kumar के राज्यसभा जाने पर निशांत कुमार ने कही ये बात
जानकारी के लिए बता दे कि बिहार की राजनीति में एतिहासिक मोड़ उस वक्त आया जब सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जेडीयू की सदस्यता हासिल की। मगर इन सब के बीच जो बात लोगो का ध्यान अपनी तरफ खींच रही है वो बात है नीतीश कुमार का वहाँ ना होना। आपको बता दे कि निशांत कुमार के जेडीयू में शामिल होने के समारोह में नीतीश कुमार की गैर मौजूदगी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। मगर इन सब के बीच जो ध्यान देने वाली बात है वो है निशांत कुमार का संबोधन। आपको बता दे कि पार्टी सदस्यता हासिल करने के बाद Nishant Kumar ने अपने संबोधन में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर भी टिप्पणी की है। आइए जानते है निशांत कुमार ने अपने संबोधन में क्या कुछ कहा।
जाने क्या कहते है विश्लेषक
आपको बता दे कि पार्टी ऑफस में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि “मेरे पिताजी (Nitish Kumar) ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है। यह उनका व्यक्तिगत फैसला है। मैं उस फैसले को स्वीकार करता हूं और उसका आदर करता हूं।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परिवार और राजनीति के मामलों में हर व्यक्ति को अपने फैसले लेने का अधिकार होता है। जेडीयू की सदस्यता लेने के बाद उनका यह बयान पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा का विषय बन गया है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे आने वाले समय में बिहार की राजनीति में नई समीकरण बन सकते हैं। जेडीयू में शामिल होने के बाद Nishant Kumar के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। बिहार की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय परिवार से जुड़े होने के कारण उनके कदम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
