ओडिशा बाढ़ के बीच 1.4 लाख लोगों का रेस्क्यू, 74 तटीय गांव ‘सुनामी के लिए तैयार’
ओडिशा बाढ़
ओडिशा बाढ़ के बीच राज्य सरकार ने पिछले चार दिनों में कई जिलों से करीब 1.4 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी के मुताबिक, 7,834 गांवों और 1,360 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया है। इसके अलावा 38 शहरी स्थानीय निकायों के 219 वार्ड भी प्रभावित हुए हैं। उत्तरी जिलों बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
ओडिशा बाढ़ के बीच नदियों का बढ़ा जलस्तर, कई इलाके प्रभावित
ओडिशा बाढ़ की स्थिति स्वर्णरेखा, बुधबलंग, जलका, बैतरणी, सालंदी और उनकी सहायक नदियों में आई बाढ़ के कारण गंभीर हुई है। अधिकारियों के अनुसार, इन नदियों के बढ़े जलस्तर से उत्तरी जिलों में लाखों लोग प्रभावित हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
74 और तटीय गांवों को मिला ‘सुनामी के लिए तैयार’ दर्जा
ओडिशा बाढ़ के बीच सोमवार, 28 सितंबर को राज्य के 74 और तटीय गांवों को यूनेस्को-आईओसी कार्यक्रम के तहत ‘सुनामी के लिए तैयार’ घोषित किया गया। इसके साथ ही ओडिशा में इस मान्यता वाले गांवों की कुल संख्या बढ़कर 100 हो गई है। अधिकारियों के मुताबिक, यह मान्यता नेशनल सुनामी रेडी बोर्ड और ओडिशा सरकार की बैठक में दी गई। इससे पहले बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, पुरी और जगतसिंहपुर के तटीय गांवों का क्षेत्रीय सत्यापन किया गया था।
ओडिशा में 381 तटीय गांवों और बस्तियों की पहचान
ओडिशा सरकार ने सुनामी के खतरे वाले 381 तटीय गांवों और बस्तियों की पहचान की है। इन्हें चरणबद्ध तरीके से सुनामी से निपटने के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यूनेस्को-अंतर सरकारी महासागरीय आयोग यानी आईओसी का ‘सुनामी के लिए तैयार’ कार्यक्रम समुदाय आधारित प्रदर्शन पहल है, जिसका उद्देश्य आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है।
सरकार, वैज्ञानिक संस्थानों और समुदाय के बीच सहयोग पर जोर
कार्यक्रम के तहत सरकारी एजेंसियों, वैज्ञानिक संस्थानों, सामुदायिक नेताओं और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरणों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। बैठक की अध्यक्षता भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र के निदेशक बालकृष्णन नायर और ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक राजेश प्रभाकर पाटिल ने की। ऐसे में ओडिशा बाढ़ के दौरान राहत और बचाव के साथ-साथ तटीय इलाकों में सुनामी जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
