Parliament Monsoon Session 2026: हंगामे के बीच लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, आखिरी दिन भी नहीं चली कार्यवाही
Parliament Monsoon Session 2026
Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र 2026 का आखिरी दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। लगातार नारेबाजी और विपक्ष के विरोध के बीच लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। तय कार्यक्रम के अनुसार गुरुवार को सत्र का अंतिम दिन था, लेकिन आमतौर पर शाम तक चलने वाली कार्यवाही करीब 11 बजे ही समाप्त कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। कुछ देर वंदे मातरम के दौरान शांति देखने को मिली, लेकिन इसके बाद कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
आखिरी दिन सदन पहुंचे पीएम मोदी और अमित शाह
मानसून सत्र के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी लोकसभा पहुंचे। 20 जुलाई के बाद पहली बार अमित शाह सदन में नजर आए। विपक्ष लंबे समय से दिल्ली में हुए कथित लाठीचार्ज और अन्य मुद्दों पर गृह मंत्री से बयान की मांग कर रहा था। विपक्षी दलों ने राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा की मांग उठाई। सदन में विपक्षी सांसदों ने ‘चंदा किसने लूटा’ और ‘अमित शाह सदन में आओ’ जैसे नारे लगाए। इसके जवाब में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।
स्पीकर के टी कार्यक्रम से दूर रहा INDIA गठबंधन
सत्र समाप्त होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष की ओर से आयोजित पारंपरिक टी कार्यक्रम में कांग्रेस और INDIA गठबंधन की अन्य पार्टियों ने हिस्सा नहीं लिया। विपक्ष की नाराजगी का असर इस कार्यक्रम पर भी साफ दिखाई दिया। पूरे मानसून सत्र के दौरान कई मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव बना रहा। विपक्ष दिल्ली में हुए लाठीचार्ज पर अमित शाह के बयान और राम मंदिर से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग करता रहा। बार-बार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई और कई महत्वपूर्ण मौकों पर सामान्य कामकाज बाधित रहा।
अमित शाह बोले- हर सवाल का जवाब देने को तैयार
सत्र के आखिरी दिनों में सरकार ने विपक्ष को चर्चा का प्रस्ताव दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर चर्चा के लिए समय तय करने का अनुरोध भी किया। अमित शाह ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष बातचीत और बहस से बच रहा है। इससे पहले सरकार की ओर से भी कहा गया था कि वह चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को भी सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देनी चाहिए।
NDA और विपक्ष के सांसदों के बीच नारेबाजी
मानसून सत्र के अंतिम चरण में राजनीतिक टकराव और बढ़ गया। सत्तारूढ़ NDA के सांसदों ने झारखंड में हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष से जवाब मांगा और ‘राहुल गांधी जवाब दो’ जैसे नारे लगाए। आखिरी दिन NDA और विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए आमने-सामने भी नजर आए। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब सत्तारूढ़ दल के नेता खुद प्रदर्शन कर रहे हैं। हंगामे और तीखी राजनीतिक बयानबाजी के साथ मानसून सत्र का समापन हो गया।
