भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया, जब 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमले ने 26 लोगों की जान ले ली। मृतकों में 25 पर्यटक थे, जो बैसरन घाटी की सैर के लिए आए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकियों ने ली, जिसे भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सेना से जोड़ा। हमले की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो उस समय सऊदी अरब के दौरे पर थे, तुरंत स्वदेश लौटे और स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय बैठकों का दौर शुरू किया।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद को करारा जवाब
पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान के भीतर 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। सेना के अनुसार, इस ऑपरेशन को अंजाम देने में पाकिस्तानी सेना ने भारत के नागरिकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पीएम मोदी ने लगातार रक्षा और सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठकें कीं, ताकि स्थिति पर पूरा नियंत्रण रखा जा सके। इस ऑपरेशन ने भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूत किया।
डीजीएमओ वार्ता और शांति की पहल
आज, 12 मई, 2025 को भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच अहम वार्ता निर्धारित है। दोनों देशों ने जमीन, हवा और समुद्र में सभी सैन्य गतिविधियों को रोकने की आपसी सहमति जताई है। इस वार्ता से पहले पीएम मोदी ने एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेना प्रमुख शामिल हुए। इस बैठक में सीमा पर शांति स्थापित करने और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा हुई। यह वार्ता दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पीएम मोदी का संबोधन: राष्ट्र के लिए संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उनका यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है और साथ ही शांति वार्ता के लिए कदम उठाए हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता, डीजीएमओ वार्ता के महत्व और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर बात करेंगे। इसके अलावा, वह देशवासियों को एकजुट रहने और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सरकार का साथ देने का आह्वान कर सकते हैं।
भारत की मजबूत नेतृत्व और भविष्य की राह
पहलगाम हमले और उसके बाद की घटनाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। पीएम मोदी का त्वरित फैसला, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और डीजीएमओ वार्ता के लिए सक्रिय कदम भारत के मजबूत नेतृत्व को दर्शाते हैं। आज का संबोधन न केवल देशवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश होगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भी भारत की शांति और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा।
