January 24, 2026

PM मोदी का संबोधन: ऑपरेशन सिंदूर पर सख्त संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात 8 बजे ऑपरेशन सिंदूर के सफल क्रियान्वयन के बाद राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के अनुरोध पर भारत ने सैन्य कार्रवाई को फिलहाल स्थगित जरूर किया है, लेकिन यह कोई कमजोरी नहीं बल्कि रणनीतिक संयम है। उन्होंने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान से अब केवल आतंकवाद और पीओके पर ही बातचीत होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावना, आक्रोश और न्याय की मांग का प्रतिबिंब है। उन्होंने इस ऑपरेशन को देश की बेटियों और बहनों के सम्मान की रक्षा के लिए लिया गया एक निर्णायक कदम बताया।

मोदी ने साफ किया कि भारत अब आतंकवाद को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भारत पर हमला करेगा, तो भारत उसी की भाषा में जवाब देगा। “अब भारत अपनी शर्तों पर काम करेगा,” यह कहते हुए उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि वह आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भारतीय सेना, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों को भी सलाम किया। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत और संयम दोनों को दुनिया ने देखा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने वाले सैनिकों को देश की हर मां, बहन और बेटी को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री ने संबोधन के दौरान अमेरिका का कोई जिक्र नहीं किया, जबकि अमेरिका ने दावा किया था कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में भूमिका निभाई है। पीएम मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत का निर्णय पूरी तरह स्वतंत्र और संप्रभुता आधारित है।

मोदी ने कहा कि आतंकवादी अब यह समझ चुके हैं कि अगर भारत की बेटियों के माथे से सिंदूर मिटाने की कोशिश की गई, तो उसका अंजाम कितना भयावह होगा। उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए। बहावलपुर और मुरीदके जैसे ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया, जिन्हें आतंकी गतिविधियों का वैश्विक केंद्र कहा जाता था।

उन्होंने बताया कि इन ठिकानों से जुड़े रहे हैं 9/11, लंदन बम धमाके, और भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमले। इन ठिकानों का नष्ट होना सिर्फ एक सैन्य सफलता नहीं, बल्कि वैश्विक आतंकवाद पर भारत की निर्णायक जीत है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय भारत के आत्मविश्वास और संकल्प का प्रतीक है। “हमारे निर्णय न सिर्फ तात्कालिक प्रतिक्रिया हैं, बल्कि दीर्घकालिक दृष्टि और रणनीति से प्रेरित हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने फिर दोहराया कि भारत की सेना और सरकार देश की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

अंत में, प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक भावना, वीरता और न्याय की अटूट प्रतिज्ञा का प्रतीक है। भारत अब किसी भी चुनौती के लिए तैयार है और उसका हर कदम देशवासियों की भावना और सुरक्षा को समर्पित है।

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