August 29, 2025

यूपी में 2 लाख शिक्षक भर्ती की तैयारी, मार्च 2026 तक प्रक्रिया पूरी

उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में शिक्षा के स्तर को और बेहतर करने के लिए बंपर शिक्षक भर्ती की योजना तैयार की है। इस योजना के तहत मार्च 2026 तक प्रदेश में लगभग 2 लाख शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। यह भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी, जिसमें प्रत्येक चरण में 65,000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर केंद्र सरकार के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत की है, जिसे मंजूरी मिल चुकी है।

प्राइमरी और माध्यमिक स्कूलों में भर्ती

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में प्राइमरी स्कूलों (कक्षा 1 से 5) में 1,81,276 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। इसके अलावा, माध्यमिक स्कूलों (कक्षा 6 से 10) में 12,586 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। प्राइमरी स्कूलों के लिए भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) के माध्यम से होगी, जबकि माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की भर्ती उत्तर प्रदेश लोक सेवा चयन आयोग (UPPSC) द्वारा की जाएगी। यह सुनिश्चित करेगा कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो।

शिक्षा के स्तर में सुधार की दिशा में कदम

योगी सरकार प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए लगातार प्रयासरत है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली हैं। साल 2018 के बाद बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में कोई बड़ी भर्ती नहीं हुई थी, जिसके कारण शिक्षकों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने अब रिक्त पदों को भरने की ठोस योजना बनाई है। संबंधित विभागों को इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और पिछली भर्तियां

गौरतलब है कि साल 2018 में शिक्षा मित्रों को हटाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने खाली हुए पदों को भरने के निर्देश दिए थे। इसके तहत दो चरणों में कुल 1,37,500 शिक्षकों की भर्ती की गई थी। पहले चरण में 68,500 और दूसरे चरण में 69,000 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। अब एक बार फिर सरकार ने रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

रिक्तियों का विवरण

गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अप्रूवर बोर्ड की बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षक रिक्तियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। इसके अनुसार, सत्र 2025-26 में कक्षा 1 से 5 तक के लिए 1,81,276 पद, कक्षा 6 से 8 तक के लिए 3,872 पद, और कक्षा 9 से 10 तक के लिए 8,714 पद खाली हैं। इन सभी रिक्तियों को भरने के लिए सरकार ने समयबद्ध योजना तैयार की है, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा अवसर

यह भर्ती प्रक्रिया उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। योगी सरकार की इस पहल से न केवल बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में भी गुणात्मक सुधार होगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक हों, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

भविष्य की योजनाएं

योगी सरकार की यह भर्ती योजना न केवल रिक्तियों को भरने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह शिक्षा के क्षेत्र में दीर्घकालिक सुधार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग भी किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

यह भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ेगी और लाखों बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने में योगदान देगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती से संबंधित आधिकारिक अधिसूचनाओं पर नजर रखें और समय पर आवेदन करें।

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