सोमवार को जब अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ डील की खबरें सुर्खियों में थीं, उसी दौरान रिलायंस पावर ने अपने शानदार प्रदर्शन से बाजार का ध्यान खींचा। कंपनी के शेयरों में 10.2% की जबरदस्त तेजी देखी गई, और यह 42.60 रुपये के भाव पर पहुंच गया। यह उछाल अमेरिका-चीन व्यापार समझौते से नहीं, बल्कि कंपनी के जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही नतीजों का नतीजा है।
126 करोड़ का मुनाफा: घाटे से उबरी कंपनी
रिलायंस पावर ने जनवरी-मार्च 2025 की तिमाही में 126 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को 397.56 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य कारण कंपनी की लागत में भारी कटौती है। कंपनी की आय भले ही 2,193.85 करोड़ से घटकर 2,066 करोड़ रुपये हो गई, लेकिन खर्चों को 2,615 करोड़ से घटाकर 1,998.49 करोड़ रुपये कर लिया गया। इस रणनीति ने कंपनी को घाटे से मुनाफे की राह पर ला खड़ा किया।
वित्त वर्ष 2024-25: पूरी कहानी पलट दी
पूरे वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो रिलायंस पावर ने 2,947.83 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जबकि पिछले साल (FY24) कंपनी 2,068.38 करोड़ रुपये के घाटे में थी। इतना ही नहीं, कंपनी ने पिछले 12 महीनों में 5,338 करोड़ रुपये का कर्ज भी चुकाया। इससे कंपनी का debt-to-equity ratio 1.61:1 से सुधरकर 0.88:1 हो गया, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
टेक्निकल विश्लेषण: क्या कहते हैं संकेत?
टेक्निकल विश्लेषण के लिहाज से, रिलायंस पावर का RSI (Relative Strength Index) 44.1 पर है, जो न तो अधिक खरीदारी और न ही अधिक बिकवाली का दबाव दर्शाता है। हालांकि, MACD संकेतक अभी भी मंदी के संकेत दे रहा है। स्टॉक अपने 10, 20, 30, 100 और 150 दिन के सिम्पल मूविंग एवरेज से नीचे है, लेकिन 50 और 200 दिन के एवरेज से ऊपर है। यह दर्शाता है कि लंबी अवधि में स्टॉक में संभावनाएं बरकरार हैं।
पिछला प्रदर्शन और मार्केट वैल्यू
शुक्रवार को रिलायंस पावर का शेयर 38.6 रुपये पर बंद हुआ था, जब सेंसेक्स में 1.1% की गिरावट आई थी। 2025 में अब तक स्टॉक 13.5% नीचे है, लेकिन पिछले दो सालों में इसने 222% की शानदार वृद्धि दर्ज की है। कंपनी की मार्केट वैल्यू अब 15,525 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जो निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
रिलायंस पावर का मजबूत पोर्टफोलियो
रिलायंस पावर के पास 5,305 मेगावाट की ऑपरेशनल क्षमता है, जिसमें से 3,960 मेगावाट अकेले सासन पावर प्लांट से आता है। सासन पावर दुनिया का सबसे बड़ा कोयला-आधारित पावर प्लांट है और पिछले सात सालों से भारत का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाला पावर प्लांट बना हुआ है। यह कंपनी की तकनीकी और परिचालन क्षमता को उजागर करता है।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
रिलायंस पावर ने अपनी लागत कटौती, कर्ज चुकाने की रणनीति और मजबूत परिचालन क्षमता के दम पर बाजार में धमाकेदार वापसी की है। हालांकि, टेक्निकल संकेतकों में अभी कुछ सावधानी बरतने की जरूरत है। निवेशकों को कंपनी के लंबी अवधि के प्रदर्शन और इसकी मजबूत स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।

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