January 25, 2026
RJD

RJD

RJD: Tejashvi Yadav बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, सियासत में मचा हलचल

RJD: पटना में आयोजित राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक ऐलान हुआ। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को आरजेडी का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया। इस मौके पर राबड़ी देवी सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। आरजेडी के आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से तस्वीरें साझा करते हुए इसे “नई सुबह, नए युग की शुरुआत” बताया गया। 36 वर्षीय Tejashvi Yadav की यह ताजपोशी पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है, जिससे अब संगठनात्मक फैसलों और रोजमर्रा की रणनीति पर उनका प्रभाव और मजबूत होगा।

RJD: बहन रोहिणी आचार्य ने दी ये प्रतिक्रिया

हालांकि, तेजस्वी यादव की इस पदोन्नति के साथ ही पार्टी के भीतर असंतोष की आवाज भी गूंज उठी। उनकी बहन रोहिणी आचार्य, जो 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की करारी हार के बाद राजनीति से दूरी बना चुकी हैं, ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी। बिना नाम लिए किए गए एक पोस्ट में उन्होंने पार्टी के “चापलूसों” और “घुसपैठिया गिरोह” पर निशाना साधते हुए तेजस्वी के नेतृत्व को कठपुतली करार दिया। उनके इस बयान ने आरजेडी के भीतर पारिवारिक और राजनीतिक मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक बहस का मुद्दा बना दिया है।

ऐसा रहा तेजस्वी यादव का राजनीतिक सफर

Tejashvi Yadav का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। क्रिकेट से राजनीति में आए तेजस्वी को उस वक्त नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी जब चारा घोटाले में लालू यादव जेल गए। 2015 में महागठबंधन सरकार में 26 साल की उम्र में उपमुख्यमंत्री बनकर उन्होंने देश के सबसे युवा डिप्टी सीएम का रिकॉर्ड बनाया। 2017 में गठबंधन टूटने के बाद विपक्ष में रहते हुए उन्होंने RJD को फिर से संगठित किया और 2020 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को सबसे बड़ी ताकत बनाकर उभारा। 2022 में नीतीश कुमार के दोबारा साथ आने पर वे फिर उपमुख्यमंत्री बने। अब राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी के साथ तेजस्वी यादव आरजेडी और बिहार की राजनीति में नई दिशा तय करने की चुनौती के सामने हैं।

Share