Russia Ukraine War
Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार, 16 अगस्त 2026 को तनाव एक बार फिर बढ़ गया। यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। इसके जवाब में रूस ने भी यूक्रेन के कई शहरों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते हवाई हमलों ने युद्ध की स्थिति को और गंभीर बना दिया है। ताजा हमलों में औद्योगिक ठिकानों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों और आम नागरिकों पर भी असर पड़ा है।
क्रिवी रिह में आर्सेलरमित्तल की स्टील फैक्ट्री को भारी नुकसान
रूस के जवाबी हमले में यूक्रेन के क्रिवी रिह स्थित आर्सेलरमित्तल की स्टील फैक्ट्री को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। यह यूक्रेन की प्रमुख स्टील कंपनियों में शामिल है और भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल के आर्सेलरमित्तल समूह का हिस्सा है। कंपनी के अनुसार, हमले में प्लांट के बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े महत्वपूर्ण हिस्से प्रभावित हुए हैं। नुकसान के बाद फैक्ट्री में उत्पादन को कुछ समय के लिए आंशिक रूप से रोकना पड़ा। इस हमले ने युद्ध के कारण यूक्रेन के औद्योगिक ढांचे पर पड़ रहे असर को एक बार फिर सामने ला दिया है।
रूसी हमलों में मौतें और कई लोग घायल
रूस ने यूक्रेन के क्रिवी रिह समेत कई इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। क्रिवी रिह में हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल बताए जा रहे हैं। सुमी और जापोरिज्जिया क्षेत्रों से भी लोगों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं राजधानी कीव में रूसी हमलों के बाद कई जगह आग लग गई। शहर के एक बड़े बुक मार्केट तक आग फैलने की सूचना है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में कई लोग घायल हुए हैं।
ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों का बढ़ रहा इस्तेमाल
रूस-यूक्रेन युद्ध में अब ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलें सबसे बड़े हथियारों में शामिल हो गई हैं। यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के सैन्य ठिकानों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और आपूर्ति नेटवर्क को निशाना बनाने वाले हमलों में तेजी लाई है। दूसरी ओर रूस लगातार यूक्रेन के शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर ड्रोन और मिसाइल हमले कर रहा है। दोनों देशों की यह रणनीति युद्ध को नए स्तर पर ले जा रही है और बड़े क्षेत्रों में नुकसान का खतरा बढ़ा रही है।
बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों तक फैल रहा युद्ध का असर
16 अगस्त के ताजा हमलों ने साफ कर दिया कि रूस-यूक्रेन युद्ध का प्रभाव अब सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं है। ड्रोन और मिसाइल हमले दोनों देशों के बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। इससे आम नागरिकों के साथ बिजली, उत्पादन, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाओं पर खतरा बढ़ता जा रहा है। आर्सेलरमित्तल की स्टील फैक्ट्री को हुआ नुकसान इस बात का उदाहरण है कि युद्ध का असर अब बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ रहा है। दोनों देशों के बीच जारी हमलों ने शांति और युद्धविराम की उम्मीदों के बीच नई चिंता पैदा कर दी है।