UGC NET 2026
UGC NET 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने रविवार को UGC-NET जून 2026 की तीन परीक्षाएं दोबारा आयोजित कराने की घोषणा की है। री-एग्जाम इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों के लिए कराया जाएगा। NTA ने इन परीक्षाओं का नया शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इन तीन विषयों की परीक्षाओं को दोबारा कराने के फैसले के बाद अभ्यर्थियों के बीच एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
NTA ने गलत प्रश्नपत्र तैयार किए और पुराने सवाल दोहराए
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 22 से 30 जून के बीच सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स विषयों की UGC-NET परीक्षाएं आयोजित की गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो महीने बाद NTA ने इन तीनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया क्योंकि गलत प्रश्नपत्र तैयार किए गए और पुराने सवाल दोबारा पूछे गए। राहुल गांधी ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ी का खामियाजा उन हजारों छात्रों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्होंने लंबे समय से परीक्षा की तैयारी की थी।
गलती NTA की, लेकिन सजा छात्रों को
कांग्रेस नेता ने कहा कि हजारों उम्मीदवारों ने वर्षों तक मेहनत की, परीक्षा फॉर्म भरे, फीस जमा की और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक यात्रा की। अब उन्हें सितंबर में एक बार फिर परीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। राहुल गांधी ने कहा, “गलती NTA करती है, लेकिन उसकी सजा देश के छात्रों को भुगतनी पड़ती है।” उन्होंने कोटा, देहरादून और प्रयागराज में छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने का जिक्र करते हुए शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
NTA की जवाबदेही और पेपर लीक को लेकर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने NTA से सवाल किया कि परीक्षा से पहले क्या संबंधित प्रश्नपत्र लीक हो चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी अब तक असली सवालों का जवाब नहीं दे रही है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का पैसा, समय और मेहनत बर्बाद हो रही है और परीक्षा प्रणाली उनके मानसिक दबाव को भी बढ़ा रही है। उन्होंने NTA के शीर्ष नेतृत्व की जवाबदेही तय करने की मांग की और कहा कि केवल एक स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
सितंबर री-एग्जाम से पहले छात्रों को संदेश
राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी और केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सितंबर में दोबारा परीक्षा देने जा रहे छात्रों की कोई गलती नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था एक परीक्षा भी सुचारू रूप से कराने में सक्षम नहीं है और गड़बड़ियों का बोझ छात्रों पर डाल दिया जाता है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के कीमती साल प्रभावित हो रहे हैं और जब तक सरकार इन सवालों का जवाब नहीं देती, तब तक विपक्ष इस मुद्दे को उठाता रहेगा। UGC-NET जून 2026 के इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी री-एग्जाम को लेकर अब अभ्यर्थियों की नजर NTA के जारी कार्यक्रम और आगामी परीक्षा व्यवस्था पर टिकी है।