जहाँ सरयू बहती है, वहाँ आस्था भी प्रवाहित होती है…उत्तर प्रदेश के अयोध्या नगरी में सोमवार की संध्या एक अत्यंत पावन और भव्य दृश्य का साक्षी बनी, जब सरयू घाट पर ‘संध्या आरती’ का आयोजन हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं, साधु-संतों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में यह धार्मिक अनुष्ठान एक आध्यात्मिक उत्सव का रूप ले चुका था।
घाट पर आरती की गूंज और दीपों की रौशनी
जैसे ही सूर्य अस्ताचल की ओर बढ़ा, घाट पर मंत्रोच्चार और घंटे-घड़ियाल की ध्वनि गूंज उठी। पंडितों द्वारा विधिवत आरती की गई, जिसमें संगीत, मंत्र, और अग्नि की लपटों के साथ आस्था का अनुपम समावेश देखने को मिला।
सरयू नदी में दीपदान
आरती के बाद श्रद्धालुओं ने सरयू मां को दीप अर्पित किए। जलती हुई दीपों की रेखा जब पानी पर तैरती हुई आगे बढ़ी, तो पूरा घाट एक जैसे स्वर्गिक प्रकाश में नहाया हुआ प्रतीत हो रहा था।
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देशभर से आए श्रद्धालु
अयोध्या में अब राम मंदिर निर्माण के साथ ही भक्तों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। संध्या आरती के इस आयोजन में देशभर से आए लोगों ने भाग लिया और अपने ह्रदय को प्रभु श्रीराम की भक्ति में डुबो दिया।
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग की पहल
यह आयोजन स्थानीय प्रशासन और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की विशेष पहल के तहत किया गया, ताकि अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।

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