सिद्धार्थनगर बाढ़: राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर, एक दर्जन गांवों का संपर्क कटा
सिद्धार्थनगर बाढ़
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और नेपाल के पहाड़ों से आए पानी के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। राप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते जिले में सिद्धार्थनगर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क कट गया है, जबकि धान और सब्जियों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। जलस्तर बढ़ने से आने वाले समय में और गांवों के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
खैरी शीतल के नकुलडीह में हर साल बनते हैं बाढ़ जैसे हालात
सिद्धार्थनगर बाढ़ का असर शोहरतगढ़ तहसील के खैरी शीतल गांव में भी साफ दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, खैरी शीतल का टोला नकुलडीह हर साल बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद बाकी इलाके से कट जाता है। ऐसे हालात में गांव से बाहर निकलने के लिए ग्रामीणों के पास सिर्फ नाव का सहारा रह जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की दूरी ज्यादा नहीं है, लेकिन सड़क को ऊंचा करने और बीच में पुलिया बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
बाढ़ में गांवों का संपर्क टूटा, फसलों को भी भारी नुकसान
ग्रामीणों ने बताया कि हर साल बाढ़ आने पर अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि गांव पहुंचते हैं और समस्या के समाधान का आश्वासन देते हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। इस बार भी सिद्धार्थनगर बाढ़ के कारण खेतों में पानी भर गया है। ग्रामीणों के मुताबिक धान की फसल के साथ लाखों रुपये की सब्जियां भी खराब हो चुकी हैं। अब ग्रामीण प्रशासन से फसलों के नुकसान का सही आकलन कर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों का गुजारा चल सके।
पांच गांव मेरुदंड, प्रशासन ने नावों की व्यवस्था बढ़ाने की बात कही
बाढ़ प्रभावित खैरी शीतल गांव का जायजा लेने पहुंचे शोहरतगढ़ तहसील के उप जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण तहसील के पांच गांव मेरुदंड हो चुके हैं और सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हुई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों में फिलहाल नाव की व्यवस्था की गई है। जलस्तर लगातार बढ़ने को देखते हुए इन गांवों में 10 से ज्यादा अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने की बात भी कही गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में आवाजाही के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है।
जलस्तर घटने के बाद होगा फसल नुकसान का आकलन
सिद्धार्थनगर बाढ़ के बीच प्रशासन ने ग्रामीणों को राहत और मुआवजे का भरोसा दिया है। एसडीएम राजेश कुमार के मुताबिक, जलस्तर घटने के बाद क्षतिग्रस्त फसलों का आकलन कराया जाएगा और इसके आधार पर ग्रामीणों को मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, खैरी शीतल गांव के हर साल बाढ़ से प्रभावित होने की समस्या को लेकर संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों के साथ मिलकर कार्य योजना तैयार करने की बात कही गई है। प्रशासन के अनुसार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए काम जल्द शुरू कराया जाएगा।
