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  • ढाका में ग्रामीण बैंक मुख्यालय पर बम विस्फोट, कई जगह धमाके: कोई हताहत नहीं

    ढाका में ग्रामीण बैंक मुख्यालय पर बम विस्फोट, कई जगह धमाके: कोई हताहत नहीं

    बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार (10 नवंबर 2025) को तड़के एक के बाद एक कई धमाके होने से पूरे शहर में सनसनी फैल गई। सबसे पहले मीरपुर इलाके में ग्रामीण बैंक (ग्रामीण बैंक) के मुख्यालय के बाहर सुबह करीब 3 बजकर 45 मिनट पर एक देसी बम फेंका गया। पुलिस के अनुसार, दो अज्ञात बदमाश मोटरसाइकिल पर सवार होकर बैंक के सामने पहुंचे, बम फेंका और मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज में इनकी तस्वीरें कैद हो गई हैं, और पुलिस ने उनकी पहचान के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। ग्रामीण बैंक के संस्थापक नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस वर्तमान में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार हैं, इसलिए इस हमले को राजनीतिक साजिश से जोड़ा जा रहा है।

    धमाके की आवाज आसपास के इलाकों में गूंजी, लेकिन सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ। बैंक के बाहर कांच के टुकड़े बिखर गए, लेकिन इमारत को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। मीरपुर मॉडल थाने के प्रभारी सज्जाद रोमान ने बताया कि यह ‘कॉकटेल’ बम था, जो स्थानीय स्तर पर आसानी से बनाया जा सकता है। इसी के साथ, मोहम्मदपुर इलाके में यूनुस के सलाहकार फरीदा अख्तर के व्यवसायिक प्रतिष्ठान ‘प्रबर्तन’ (शस्य प्रबर्तन) के सामने भी दो देसी बम फेंके गए। ये विस्फोट सुबह करीब 7 बजकर 10 मिनट पर हुए, जिसमें एक बम दुकान के अंदर फटा। फरीदा अख्तर मत्स्य एवं पशुपालन मंत्रालय की सलाहकार हैं। यहां भी कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन दुकान का सामान बिखर गया।

    अन्य धमाके और आगजनी की घटनाएं

    ढाका में सुबह के इन हमलों के अलावा दिन भर अन्य जगहों पर भी हिंसा की घटनाएं हुईं। धानमंडी इलाके में इब्न सिना अस्पताल के पास दो बम फेंके गए, जो जमात-ए-इस्लामी से जुड़े होने के कारण संवेदनशील माना जाता है। इसी इलाके के एक प्रमुख चौराहे पर भी दो और बम विस्फोट हुए। इसके अलावा, अज्ञात बदमाशों ने दो सार्वजनिक बसों में आग लगा दी, जिससे यातायात बाधित हो गया। शाम को स्थिति और बिगड़ गई, जब मौचक चौराहे पर करीब 6 बजे, आगरगांव में बांग्लादेश बेतार के सामने 6 बजकर 20 मिनट पर, खिलगांव फ्लाईओवर पर 6 बजकर 30 मिनट पर और मीरपुर के शाह अली बाजार के पास 6 बजकर 40 मिनट पर धमाके हुए। ये हमले सार्वजनिक परिवहन, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय नागरिक पार्टी से जुड़े संस्थानों और यूनुस से संबंधित जगहों को निशाना बना रहे थे।

    पुलिस ने इन सभी घटनाओं को ‘उपद्रवी गतिविधियों’ का हिस्सा बताया है। एक 28 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जो प्रतिबंधित संगठन बांग्लादेश छात्र लीग (BCL) का सदस्य है। मुख्य सलाहकार कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि ढाका पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने शहरव्यापी सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। पुराने ढाका के एक अस्पताल के सामने एक 50 वर्षीय ‘सूचीबद्ध गैंगस्टर’ की गोली मारकर हत्या भी कर दी गई, जो इन घटनाओं से जुड़ी हो सकती है।

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    राजनीतिक पृष्ठभूमि और शेख हसीना का मुकदमा

    ये सभी घटनाएं उस संवेदनशील समय में हो रही हैं जब 13 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मुकदमे पर फैसला सुनाने की तारीख तय करेगा। हसीना पर 2024 के जुलाई विद्रोह को दबाने के दौरान हत्याओं, लापता करने और यातनाओं का आरोप है, जिसमें सैकड़ों छात्रों की मौत हुई थी। अभियोजन पक्ष ने मौत की सजा की मांग की है, जबकि हसीना ने इसे ‘न्यायिक मजाक’ करार दिया है। वे भारत में निर्वासित हैं और कोर्ट के समन का पालन नहीं कर रही हैं।

    हसीना की अवामी लीग ने 13 नवंबर को ‘लॉकडाउन’ का आह्वान किया है, जिससे तनाव बढ़ गया है। पिछले कई महीनों से ढाका में फ्लैश मार्च और हिंसा जारी है। अंतरिम सरकार ने राजनीतिक दलों को सुधार प्रस्तावों पर सहमति बनाने के लिए सात दिवसीय समयसीमा दी थी, जो आज समाप्त हो रही है। अभियोजक ताजुल इस्लाम ने हसीना को ‘अपराधों का केंद्र’ बताया है, जबकि उनके सहयोगी इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ मानते हैं।

    सुरक्षा उपाय और आगे की स्थिति

    इन घटनाओं के बाद ढाका में हाई अलर्ट जारी है। पुलिस ने धार्मिक स्थलों जैसे चर्च, मंदिर और मस्जिदों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। शहर भर में गश्त और निगरानी तेज कर दी गई है। सेना के 60,000 जवान सहायता के लिए तैनात हैं, लेकिन आधे को आराम के लिए वापस बुला लिया गया है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने शांति की अपील की है। फिलहाल, इन धमाकों में कोई मौत या गंभीर चोट की खबर नहीं है, लेकिन राजधानी में भय का माहौल है।

    हम लगातार अपडेट पर नजर रखे हुए हैं। 13 नवंबर का फैसला तय करने वाली सुनवाई के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। नागरिकों से अपील है कि अफवाहों से बचें और संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस को सूचित करें। बांग्लादेश की यह अस्थिरता क्षेत्रीय शांति के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

  • अमेरिका में गुजराती परिवारों पर हमले मेहनत और सुरक्षा के बीच बड़ा संकट

    अमेरिका में गुजराती परिवारों पर हमले मेहनत और सुरक्षा के बीच बड़ा संकट

    अमेरिका जहाँ भारतीय मेहनत और लगन से अपना नाम बनाते हैं, वहीं एक चिंता की लहर उठ रही है। गुजराती समुदाय, खासकर पटेल परिवार, पूरे अमेरिका में मोटल, पेट्रोल पंप और सुविधा स्टोर जैसे व्यवसाय के मालिक हैं। वर्षों की मेहनत और लगन ने उन्हें प्रतिष्ठा और पहचान दी, लेकिन हाल के वर्षों में यह समुदाय अपराधियों का निशाना बनता जा रहा है।

    आक्रमण और मौतों का बढ़ता पैटर्न

    सिर्फ इस साल, अमेरिका में मोटल चलाने वाले या व्यवसायी रहे कम से कम 7 गुजराती परिवारों के सदस्यों की हत्या हो चुकी है। ये हमले अक्सर सीधी गोली मारने जैसी हिंसक घटनाओं के रूप में सामने आए हैं। सबसे ताज़ा घटना पेन्सिलवेनिया के एलेघेनी काउंटी में हुई, जहां सूरत निवासी राकेश पटेल (50 साल) को उनके मोटल के पास गोली मार दी गई।इतना ही नहीं, 5 अक्टूबर को उत्तरी कैरोलिना में अनिल पटेल और पंकज पटेल की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। कुछ महीने पहले दक्षिण कैरोलिना में एक गुजराती महिला और उनके पिता की भी डकैती के दौरान हत्या हुई थी।

    क्यों बन रहा है गुजराती समुदाय अपराधियों का निशाना?

    रिपोर्टों के अनुसार, ज्यादातर हमले मोटल, पेट्रोल पंप और स्टोर पर हुए हैं। ये वही व्यवसाय हैं जिन पर गुजराती समुदाय का दबदबा है। ऐसे हमले न केवल आर्थिक नुकसान करते हैं, बल्कि समुदाय में डर और असुरक्षा की भावना भी पैदा करते हैं।

    सरकार और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    हर नई हत्या यह सवाल उठाती है कि क्या अमेरिकी सरकार और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियां गुजराती समुदाय को सुरक्षा प्रदान कर पाएंगी? क्या मेहनत से बनाई गई कमाई अब हर दिन मौत के जोखिम का सामना करेगी? यह स्थिति समुदाय के लिए चिंता और असुरक्षा दोनों पैदा कर रही है।

    समाज और समुदाय पर असर

    गुजराती परिवारों में डर का माहौल बन गया है। लोग अब अपने व्यवसाय और सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए यह खतरा और अधिक गंभीर हो गया है। अमेरिका में मेहनत से बनाई पहचान अब अपराधियों के निशाने पर है, और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी बन गया है।गुजराती समुदाय ने अमेरिका में वर्षों की मेहनत से पहचान बनाई है, लेकिन हाल की हिंसक घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं। यह समय है कि सरकार, समुदाय और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इस संकट का समाधान खोजें, ताकि मेहनत और लगन से बनाई पहचान अब डर और मौत के खतरे का सामना न करे।

  • पाकिस्तान के क्वेटा में जाफर एक्सप्रेस बम धमाके का शिकार, 7 घायल, सुरक्षा अलर्ट जारी..

    पाकिस्तान के क्वेटा में जाफर एक्सप्रेस बम धमाके का शिकार, 7 घायल, सुरक्षा अलर्ट जारी..

    पाकिस्तान के क्वेटा में चल रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को एक बार फिर बम धमाके का सामना करना पड़ा। धमाके के कारण ट्रेन पटरी से उतर गई और सात लोग घायल हुए। यह हमला पेशावर की ओर जा रही ट्रेन को निशाना बनाकर किया गया। घटना स्थल सिंध के शिकारपुर जिले में सुल्तान कोट के पास सोमरवाह क्षेत्र है।

    बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने ली जिम्मेदारी

    बम धमाके की जिम्मेदारी बलूच विद्रोही समूह बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (BRG) ने ली है। समूह के प्रवक्ता ने कहा कि यह ऑपरेशन बलूचिस्तान की आजादी तक जारी रहेगा। ट्रेन पर हमला रिमोट-कंट्रोल IED विस्फोट के जरिए किया गया, जिसमें छह डिब्बे पटरी से उतर गए और कई सैनिक मारे गए तथा घायल हुए।

    सुरक्षाबलों की त्वरित कार्रवाई

    घटना के तुरंत बाद पाकिस्तान के सुरक्षाबलों और पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी। बम निरोधक दस्ते को पटरियों की जांच के लिए तैनात किया गया। हाल के महीनों में जाफर एक्सप्रेस को कई बार निशाना बनाया जा चुका है। 7 अगस्त को सिबी रेलवे स्टेशन के पास पटरी के पास बम रखा गया था, जो ट्रेन गुजरने के तुरंत बाद फटा। इसके अलावा 4 अगस्त को कोलपुर के पास बंदूकधारियों ने इंजन को फायरिंग के जरिए निशाना बनाया था।

    जाफर एक्सप्रेस का हाईजैक मामला

    जाफर एक्सप्रेस पाकिस्तान के पेशावर से क्वेटा के बीच चलती है। मार्च 2025 में इसे बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हाईजैक कर लिया था। इस घटना के दौरान 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया गया। विद्रोहियों ने ट्रेन को रोकने के लिए पटरियों में धमाके किए और ट्रेन को पीरू कुनरी और गुदलार के पहाड़ी इलाकों के पास रोका। यह हमला पाकिस्तान के रेल इतिहास में गंभीर सुरक्षा चूक के रूप में देखा गया।

    एक्सप्रेस पर लगातार हमले

    जाफर एक्सप्रेस को हाल के महीनों में कई बार निशाना बनाया गया है। यह हमला पाकिस्तान में बढ़ते आंतरिक संघर्ष और सुरक्षा खतरों का संकेत है। बलूच विद्रोही समूह लगातार ट्रेन और अन्य सार्वजनिक परिवहन को निशाना बना रहे हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

    जाफर एक्सप्रेस पर लगातार हमले पाकिस्तान में सुरक्षा और आंतरिक संघर्ष की गंभीर चुनौती को दर्शाते हैं। सुरक्षाबलों की सतर्कता और यात्रियों की सावधानी इस तरह की घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • सलमान खान के घर में अवैध घुसपैठ: प्रशंसकों में चिंता

    सलमान खान के घर में अवैध घुसपैठ: प्रशंसकों में चिंता

    बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के मुंबई स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट में 20 मई 2025 की शाम एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। एक व्यक्ति ने अवैध रूप से उनके आवास में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद सलमान के प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई। इस घटना ने न केवल सलमान खान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि उनकी पहले से बढ़ी हुई सुरक्षा को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    आरोपी की पहचान और पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी का नाम जितेंद्र कुमार सिंह है, जो छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। इस व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 329(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना की जानकारी देते हुए, गैलेक्सी अपार्टमेंट पर तैनात पुलिस अधिकारी ने बताया कि 20 मई को सुबह करीब 9:45 बजे, एक अज्ञात व्यक्ति को अपार्टमेंट के आसपास संदिग्ध रूप से घूमते हुए देखा गया। पुलिस ने उसे वहां से चले जाने की चेतावनी दी, लेकिन वह व्यक्ति नाराज हो गया और उसने गुस्से में अपना मोबाइल फोन जमीन पर फेंककर तोड़ दिया।

    इसके बाद, उसी दिन शाम 7:15 बजे, वही व्यक्ति दोबारा गैलेक्सी अपार्टमेंट के मुख्य द्वार पर लौटा। इस बार उसने एक कार के साथ अपार्टमेंट के गेट में प्रवेश करने की कोशिश की, जो वहां रहने वाले किसी व्यक्ति की थी। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस कॉन्स्टेबल सुर्वे, महेत्रे, पवार और सुरक्षा गार्ड कमलेश मिश्रा ने तुरंत उसे पकड़ लिया और बांद्रा पुलिस को सौंप दिया।

    आरोपी का बयान: सलमान से मिलने की इच्छा

    हिरासत में लिए जाने के बाद, जितेंद्र कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि वह सलमान खान से मिलना चाहता था। उसने कहा, “मैं सलमान खान से मिलना चाहता हूं, लेकिन पुलिस मुझे उनसे मिलने नहीं दे रही, इसलिए मैं छिपने की कोशिश कर रहा था।” यह बयान सुनकर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी। यह पहली बार नहीं है जब सलमान खान की सुरक्षा को लेकर कोई विवाद सामने आया हो। इससे पहले भी उनके घर के बाहर फायरिंग की घटना और कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी हैं।

    सलमान खान की बढ़ी हुई सुरक्षा

    सलमान खान बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली अभिनेताओं में से एक हैं। उनकी लोकप्रियता के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी हमेशा चर्चा का विषय रही है। हाल ही में उनके घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना के बाद, मुंबई पुलिस ने उनकी सुरक्षा को और सख्त कर दिया है। सलमान जहां भी जाते हैं, उनकी सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी उनके साथ रहते हैं। इस घटना ने एक बार फिर उनकी सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को परखने का मौका दिया है।

    गैलेक्सी अपार्टमेंट में हुई इस घटना ने प्रशंसकों को चिंतित कर दिया है। सोशल मीडिया पर सलमान के फैंस अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा के लिए और सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। प्रशंसकों का मानना है कि सलमान जैसे बड़े सितारे, जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं, उनकी सुरक्षा में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।

    पुलिस की आगे की कार्रवाई

    बांद्रा पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। जितेंद्र कुमार सिंह की पृष्ठभूमि और उसके इरादों को समझने के लिए पुलिस विभिन्न पहलुओं पर काम कर रही है। यह भी जांच का विषय है कि क्या यह केवल एक प्रशंसक की उत्सुकता थी या इसके पीछे कोई और मकसद था। सलमान खान की सुरक्षा को लेकर पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है, और इस घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां और सावधान हो गई हैं।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मशहूर हस्तियों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। सलमान खान के प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि इस मामले की जल्द से जल्द जांच पूरी होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और कड़े कदम उठाए जाएंगे।

  • जम्मू में ब्लैकआउट: ड्रोन अलर्ट पर सेना मुस्तैद

    जम्मू में ब्लैकआउट: ड्रोन अलर्ट पर सेना मुस्तैद

    सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार, 8 मई की रात जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया। जम्मू, सांबा, अखनूर और पुंछ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अचानक ब्लैकआउट कर दिया गया। पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी गई, जिससे अंधेरा छा गया। इसके साथ ही सायरन की तेज आवाजें गूंजने लगीं, जिससे लोग अलर्ट हो गए। ब्लैकआउट और सायरन का उद्देश्य लोगों को संभावित खतरे से पहले ही सचेत करना था।

    इन सबके पीछे कारण था पाकिस्तान की ओर से की गई एक और नापाक हरकत। जानकारी के अनुसार, जम्मू के कई इलाकों में ड्रोन देखे गए। सुरक्षा बलों ने तेजी दिखाते हुए उन्हें मार गिराया। जम्मू यूनिवर्सिटी के पास दो पाकिस्तानी ड्रोन को गिराया गया। इसके अलावा जम्मू एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, चन्नी हिम्मत और आरएस पुरा जैसे क्षेत्रों में भी पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियां देखी गईं, जिन्हें नाकाम कर दिया गया।

    इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने रात के समय आसमान में आग के गोले जैसे ऑब्जेक्ट देखे। कुछ लोगों ने धमाके जैसी आवाजें भी सुनीं। इन सब घटनाओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पाकिस्तान, भारत में अशांति फैलाने की लगातार नाकाम कोशिशें कर रहा है।

    भारतीय सेना की तत्परता की एक और मिसाल अखनूर और सांबा के इलाकों में देखने को मिली। यहां भी लोगों ने ड्रोन जैसी आकृति को उड़ते हुए देखा। सेना ने इन सभी इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है और सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। सुरक्षा बल न केवल ड्रोन को गिरा रहे हैं, बल्कि आसपास के लोगों से भी सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने को कहा गया है।

    यह भी पढ़े: मुंबई में 7 मई को मॉक ड्रिल, ब्लैकआउट की तैयारी

    इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बताया कि उन्होंने भी धमाकों की आवाजें सुनीं और आसमान में कुछ उड़ता हुआ देखा। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की बौखलाहट है, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद और बढ़ गई है। भारत द्वारा की गई सर्जिकल कार्रवाई के बाद पाकिस्तान लगातार सीमावर्ती इलाकों में गोलीबारी और ड्रोन हमले की कोशिश कर रहा है।

    सुरक्षा कारणों से श्रीनगर में बिजली सेवा को भी एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सेना के मुताबिक, यह कदम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को टाला जा सके।

    गौरतलब है कि जम्मू में सेना के कई अहम ठिकाने मौजूद हैं और यहां किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देना ज़रूरी होता है। ड्रोन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक इलाकों को निशाना बनाने की साजिश रचता रहा है, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता इन मंसूबों को हर बार नाकाम कर देती है।

    जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात साफ तौर पर संकेत देते हैं कि भारत को चौकन्ना रहना होगा। सीमाओं पर तैनात जवान हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें।

    सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और आम जनता की जागरूकता ही मिलकर ऐसे खतरे से निपटने में कारगर सिद्ध हो सकती है। पाकिस्तान की इन नापाक कोशिशों के जवाब में भारत हर मोर्चे पर तैयार है और जम्मू की ये रात इसका प्रमाण है।