September 5, 2026

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जम्मू में ब्लैकआउट: ड्रोन अलर्ट पर सेना मुस्तैद

सीमा पर लगातार बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार, 8 मई की रात जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया। जम्मू, सांबा, अखनूर और पुंछ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अचानक ब्लैकआउट कर दिया गया। पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी गई, जिससे अंधेरा छा गया। इसके साथ ही सायरन की तेज आवाजें गूंजने लगीं, जिससे लोग अलर्ट हो गए। ब्लैकआउट और सायरन का उद्देश्य लोगों को संभावित खतरे से पहले ही सचेत करना था।

इन सबके पीछे कारण था पाकिस्तान की ओर से की गई एक और नापाक हरकत। जानकारी के अनुसार, जम्मू के कई इलाकों में ड्रोन देखे गए। सुरक्षा बलों ने तेजी दिखाते हुए उन्हें मार गिराया। जम्मू यूनिवर्सिटी के पास दो पाकिस्तानी ड्रोन को गिराया गया। इसके अलावा जम्मू एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, चन्नी हिम्मत और आरएस पुरा जैसे क्षेत्रों में भी पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधियां देखी गईं, जिन्हें नाकाम कर दिया गया।

इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने रात के समय आसमान में आग के गोले जैसे ऑब्जेक्ट देखे। कुछ लोगों ने धमाके जैसी आवाजें भी सुनीं। इन सब घटनाओं ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पाकिस्तान, भारत में अशांति फैलाने की लगातार नाकाम कोशिशें कर रहा है।

भारतीय सेना की तत्परता की एक और मिसाल अखनूर और सांबा के इलाकों में देखने को मिली। यहां भी लोगों ने ड्रोन जैसी आकृति को उड़ते हुए देखा। सेना ने इन सभी इलाकों में चौकसी बढ़ा दी है और सायरन बजाकर लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। सुरक्षा बल न केवल ड्रोन को गिरा रहे हैं, बल्कि आसपास के लोगों से भी सतर्क रहने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने को कहा गया है।

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इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में बताया कि उन्होंने भी धमाकों की आवाजें सुनीं और आसमान में कुछ उड़ता हुआ देखा। उन्होंने कहा कि यह पाकिस्तान की बौखलाहट है, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद और बढ़ गई है। भारत द्वारा की गई सर्जिकल कार्रवाई के बाद पाकिस्तान लगातार सीमावर्ती इलाकों में गोलीबारी और ड्रोन हमले की कोशिश कर रहा है।

सुरक्षा कारणों से श्रीनगर में बिजली सेवा को भी एहतियात के तौर पर अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सेना के मुताबिक, यह कदम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को टाला जा सके।

गौरतलब है कि जम्मू में सेना के कई अहम ठिकाने मौजूद हैं और यहां किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया देना ज़रूरी होता है। ड्रोन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक इलाकों को निशाना बनाने की साजिश रचता रहा है, लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता इन मंसूबों को हर बार नाकाम कर देती है।

जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात साफ तौर पर संकेत देते हैं कि भारत को चौकन्ना रहना होगा। सीमाओं पर तैनात जवान हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न करें।

सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और आम जनता की जागरूकता ही मिलकर ऐसे खतरे से निपटने में कारगर सिद्ध हो सकती है। पाकिस्तान की इन नापाक कोशिशों के जवाब में भारत हर मोर्चे पर तैयार है और जम्मू की ये रात इसका प्रमाण है।

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