तेलंगाना के आसिफाबाद जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एएचएस सुकुथपल्ली स्कूल में कार्यरत शिक्षक जे. विलास को ड्यूटी में लापरवाही बरतने और सेवा नियमों का उल्लंघन करने पर निलंबित कर दिया गया। स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि शिक्षक नशे की हालत में स्कूल पहुंचे और कक्षा में सोते पाए गए।
जांच और निलंबन प्रक्रिया
घटना के बाद जिला आदिवासी कल्याण विभाग की डिप्टी डायरेक्टर रामादेवी ने मामले की जांच की। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट ऑफिसर के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी किया गया। निलंबन का यह कदम शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी और स्कूल में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।
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शिक्षा व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल
यह घटना शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। शिक्षक, जो बच्चों को शिक्षा देने का वचन लेते हैं, यदि अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतें और नशे में कक्षा में सोएँ, तो इससे छात्रों की पढ़ाई और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
बच्चों और समुदाय पर प्रभाव
स्थानीय समुदाय ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। बच्चों और अभिभावकों की अपेक्षा होती है कि स्कूल में शिक्षक अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। ऐसी घटनाएँ न केवल बच्चों के लिए बल्कि पूरे समुदाय के लिए शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रश्न चिह्न लगाती हैं।

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