नई दिल्ली/नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच अबुझमाड़ इलाके में भीषण मुठभेड़ जारी है। अब तक 26 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि नक्सल संगठन के टॉप लीडर्स — बसवराजू, रूपेश और विकल्प — के भी घेरे में आने की खबर है।
कौन हैं बसवराजू?
बसवराजू नक्सलियों की शीर्ष स्तर की कमेटी पोलित ब्यूरो का सदस्य और CPI (माओवादी) का महासचिव बताया जाता है। अगर वह पकड़ा या मारा गया तो यह भारत के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी जीत मानी जाएगी।
मुठभेड़ कैसे शुरू हुई?
जानकारी के मुताबिक, नारायणपुर के बोटेर इलाके में DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की विशेष टीम को इनपुट मिला कि यहां टॉप नक्सली नेता मीटिंग के लिए जमा हुए हैं। इसके बाद नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव से सुरक्षा बलों को भेजा गया।
सुबह-सुबह जंगल में घेराबंदी के दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई, जो देर शाम तक जारी रही।
31 नक्सली पहले ही मारे जा चुके हैं
आपको बता दें, यह मुठभेड़ 7 दिन पहले हुए कर्रेगुट्टा ऑपरेशन के ठीक बाद हुई है, जिसमें 31 नक्सलियों को ढेर किया गया था। इनमें 16 महिलाएं और 15 पुरुष शामिल थे। यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर 24 दिन तक चला था।
क्या हो सकता है अगला कदम?
अगर बसवराजू और उसके दो अन्य सीनियर कमांडर्स इस ऑपरेशन में मारे जाते हैं या पकड़े जाते हैं, तो यह नक्सल नेटवर्क को अंदर से हिला कर रख देगा। सूत्रों के अनुसार, मौके से भारी मात्रा में हथियार, दस्तावेज और तकनीकी उपकरण भी बरामद हुए हैं। सुरक्षाबलों का यह अभियान न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक सकारात्मक संकेत है। यह दिखाता है कि नक्सलवाद अब धीरे-धीरे अपने आखिरी दौर में पहुंच रहा है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारी की संभावना है।

संबंधित पोस्ट
Gorakhpur Mahotsav 2026 में CM Yogi का बड़ा बयान!
Maharashtra BMC Election: वोटिंग से पहले जान लें ये जरूरी नियम…
Iran संग व्यापार करने पर भारत पर लगेगा 25 % अतिरिक्त Tariff?