Ayushman Card: देश के स्वास्थ व्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। और आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं आयुष्मान भारत की वो कड़वी हकीकत, जो सरकार नहीं दिखाना चाहती। सरकार बार-बार बताती है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। मरीजों के सामने अस्पतालों में भर्ती के लिए लंबी कतारें, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और कई बार भुगतान की समस्याएं खड़ी हैं। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। अधिक और पूरी जानकारी के लिए खबरको अंत तक जरूर पढ़े।
Ayushman Card: जाने क्या है पूरी मामला
जानकारी के लिए बता दे कि कुछ डॉक्टर खुद मानते हैं, कई बार “Wait time मरीजों के लिए अक्सर बहुत लंबा होता है। कई अस्पताल मरीजों को सिर्फ इसलिए नहीं ले रहे क्योंकि उनके पास पेमेंट नहीं हो रहा।” यानी कि जो कार्ड आपके पास है, वह अक्सर काम नहीं आता। एमरजेंसी में भी, कई बार आपको कैश पेमेंट करना पड़ता है, क्योंकि अस्पताल कार्ड को स्वीकार नहीं कर रहे। और हज़ारो मरीज़ों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगो के ज़हन में उठ रहा ये सवाल
और सवाल ये उठता है कि आखिर सरकार के ‘लाखों लाभार्थी’ वाले दावे और जमीन पर हकीकत में क्या फर्क है? मरीज परेशान हैं, डॉक्टर थक गए हैं और योजनाएं सिर्फ कागजों पर काम कर रही हैं। तो क्या आयुष्मान भारत सिर्फ एक नाम का कवच बनकर रह गया है, या वास्तव में मरीजों के लिए राहत देने वाला साधन? यह वो सवाल है जो हर मरीज और हर परिवार पूछ रहा है। हमारे साथ बने रहिए, क्योंकि हम इसी कड़वी हकीकत की पूरी पड़ताल करेंगे। आज की रिपोर्ट सिर्फ़ शुरुआत है, और सच अभी बाकी है।

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