UNICEF El Niño रिपोर्ट: 34.7 करोड़ बच्चों पर बढ़ सकता है खतरा
UNICEF El Niño रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष यानी UNICEF ने वैश्विक जलवायु संकट को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। UNICEF El Niño रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत महासागर में बढ़ते तापमान के चलते दुनिया भर के मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। इसका असर भारत समेत करीब 100 देशों के 34.7 करोड़ से अधिक बच्चों की जिंदगी, सेहत और पढ़ाई पर पड़ सकता है। रिपोर्ट में 2026-2027 के El Niño को लेकर चिंता जताई गई है और इसे गंभीर दौर में से एक बताया गया है।
सूखा और बाढ़ बढ़ा सकते हैं बच्चों की मुश्किलें
UNICEF El Niño रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर के दौरान कई क्षेत्रों में भयंकर सूखे की स्थिति बन सकती है, जबकि कुछ इलाकों में अप्रत्याशित बाढ़ आने की आशंका है। इसका सबसे ज्यादा असर कमजोर परिवारों और बच्चों पर पड़ने की चिंता है। सूखे के कारण फसलें खराब होने से भुखमरी और गंभीर कुपोषण का खतरा बढ़ सकता है। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में डायरिया, हैजा और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका जताई गई है।
भारत समेत एशिया-प्रशांत में 19 करोड़ बच्चों पर असर
रिपोर्ट में भारत समेत एशिया-प्रशांत क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले इलाकों में बताया गया है। UNICEF El Niño रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में करीब 19 करोड़ बच्चे असामान्य सूखे या बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका में करीब 4.1 करोड़ तथा लातिन अमेरिका में करीब 4.1 करोड़ बच्चों पर इसके असर की आशंका है। फिलीपीन, कोलंबिया, फिजी और पापुआ न्यू गिनी जैसे देशों में सूखे से खेती और पानी की उपलब्धता प्रभावित होने की चिंता है।
बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर भी संकट
UNICEF El Niño रिपोर्ट में मौसम की चरम परिस्थितियों के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई है। प्राकृतिक आपदाओं के चलते स्कूल बंद हो सकते हैं, जिससे लाखों बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने का डर है। वहीं सूखे और बाढ़ के कारण भोजन, साफ पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। सोमालिया और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश के कारण नदियों के उफान पर आने और पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ने की बात कही गई है।
UNICEF ने देशों से अभी से तैयारी मजबूत करने को कहा
UNICEF El Niño रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों को इस संकट से बचाने के लिए प्रभावित देशों को पहले से तैयारी मजबूत करने की जरूरत है। UNICEF ने स्वच्छ पेयजल, जीवनरक्षक पोषण किट, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन राहत तंत्र को मजबूत करने की अपील की है। रिपोर्ट के अनुसार, 40 प्राथमिकता वाले देशों में इसके लिए 4.11 अरब डॉलर की जरूरत है, जबकि अब तक केवल 1.28 अरब डॉलर ही मिले हैं। यानी जरूरत के मुकाबले 69 फीसदी की कमी बनी हुई है।
