USD vs INR: आज शुरुआती ट्रेडिंग में भरतीय रुपए में बड़ी उलट फेर देखने को मिली। और ये संकेत बिल्कुल भी अच्छे नही है। आपको बता दे कि डॉलर के मुकाबले रुपया में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली है। जिसके बाद राजनीतिक हलचल एक बार फिर देखने को मिल रही है। कॉग्रेस ने इस मुद्दे पर सवाल उठाया है। जिसके बाद ये आम नागरिकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। वहीं ऐसे में ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर रुपय की कीमत में क्या उतार चढ़ाव आए है। तो आइए जानते है क्या है पूरा मामला। तो अधिक जानकारी के लिए खबर को अंत तक जरूर पढ़े।
USD vs INR: जाने क्या है पूरा मामला
जानकारी के लिए बता दे कि आज शुरुआती ट्रेडिंग में भारतीय रुपया US डॉलर के मुकाबले 90.14 के रिकॉर्ड पर पहुँच गया है। यानि कि अब केवल 1 यूएस डॉलर 90.14 भारतीय रुपय के बराबर होगा। वहीं आपको बता दे कि ये करेंसी के लिए इतने दिनों में तीसरा रिकॉर्ड निचला स्तर है, क्योंकि FPI आउटफ्लो, भारत-US ट्रेड डील पर क्लैरिटी की कमी और पिछले अहम लेवल पर कमजोरी, भारतीय करेंसी पर दबाव बढ़ा रहे हैं। आज पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के लेवल के पार पहुंचा है। माना जा रहा है कि रुपये पर कई तरह के दबाव हैं, जिसमें ट्रेड और पोर्टफोलियो फ्लो की कमजोरी और भारत-US ट्रेड डील को लेकर बनी अनिश्चितता शामिल है, जिससे सेंटिमेंट कमजोर बना हुआ है। येन कैरी ट्रेड के खुलने के शुरुआती संकेत भी बड़े पैमाने पर एशियाई FX दबाव बना रहे हैं।
विपक्ष ने सरकार से पूछे ये सवाल
इसके अलावा USD vs INR के इस अहम मुद्दे पर विपक्ष ने भी अपनी टिप्पणी दी है। कांग्रेस पार्टी ने अपने सोशल मीडिा प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया। पोस्ट में कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी की एक वीडियों भी साझा किया है। और साथ साथ लिखा है कि सरकार इस पर कब जवाब देगी। आपको बता दे कि अमेरिकी डॉलर के सामने भारतीय रुपय के कमजोर होने की कई वजह है। जिन्में सबसे बड़ी वजह है भारत-अमेरिका ट्रेड डील। वही कुछ विश्लेषक का ये भी मानना है कि भारत- अमेरिका ट्रेड डील के बाद इसमें बदाव हो सकते है। आपको बता दे कि भारत- अमेरिका ट्रेड डील इसी महीने हो सकता है।

संबंधित पोस्ट
India: दुनिया की अगली सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति?
Japan: पूर्व पीएम शिंजो आबे के हत्यारे को उम्रकैद की सजा, चुनाव प्रचार के दौरान हुआ था हमला
Donald Trump: उड़ान में तकनीकी ग्लिच , दावोस यात्रा जारी