September 3, 2026

Abstar News

Latest News, Breaking News & Updates

Iran में क्यों हो रहा इस्लामिक शासन का विरोध? 99% आबादी खुद मुस्लिम!

Iran

Iran

Iran: ईरान की सड़कों पर फिर उठी आवाज़! दिसंबर के अंत में बढ़ती महंगाई और बाज़ार बंद होने से लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हाथों में 1979 से पहले का ‘सिंह और सूर्य’ वाला बैनर, और मांग है निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी की वापसी। और इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों के पोस्टर में तो येे भी मांग की जा रही है कि ईरान को वापस से पर्शिया बनाया जाए। लेकिन क्या आप जानते है कि आखिर 99 % मुस्लिम आबादी वाले देश में इस्लामिक कानून से छुटकारे की मांग क्यों उठ रही है। और आखिर क्यो लोग इसे वापस पर्शिया बनाने की मांग कर रहे है। आइए एक नज़र डालते है पूरी खबर पर। सटीक जानकारी के लिएखबर को अंत तक जरूर पढ़े।

Iran: अपनी संस्कृति के लिए उठ रही ईरान में आवाज़

जानकारों का कहना है कि ईरान बहुजातीय देश है, लेकिन पर्शियन, यानी पारंपरिक ईरानी, सबसे बड़े समूह हैं। लगभग आधे से छह में से पाँच लोग खुद को पर्शियन मानते हैं। यह पहचान धर्म से ऊपर या इसके साथ सहअस्तित्व में विकसित हुई है। यानी वे कहते हैं: “हम ईरानी हैं, और हम इस्लाम भी मानते हैं”, लेकिन हमारी संस्कृति, इतिहास, और भाषा बहुत पुरानी है जो इस्लाम से पहले की है। लोग सिर्फ धर्म के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इस्लामी राज्य (Islamic Republic) के उन कानूनों और नियमों से नाराज़ हैं जो उनके व्यक्तिगत अधिकारों और आज़ादी को सीमित करते हैं। प्रदर्शनकारी कहते हैं कि वे इज़राइल, अमरीका या बाहरी ताकतों के नहीं बल्कि अपने शासन के खिलाफ हैं, जिसकी बुनियादी धार्मिक नियंत्रण पर आधारित है।

क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?

ईरान में मोरलिटी पुलिस जैसी एजेंसियाँ (Guidance Patrol) धार्मिक नियमों को पुलिस की तरह लागू करती हैं, जैसे महिलाओं के लिए हिजाब को अनिवार्य बनाना। इसके खिलाफ Iran में सालों से विरोध रहा है, और इसी विवाद में 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद व्यापक आंदोलन शुरू हुआ। प्रदर्शन धीरे‑धीरे बदलकर सिर्फ कपड़ों या हिजाब से ऊपर उठकर राजनीतिक आज़ादी, मानव अधिकार और निजी फैसलों की आज़ादी की मांग बन गए हैं। बहुत से ईरानी युवा चाहते हैं कि धर्म राज्य के नियमों से ऊपर न थोपे जाए और हर व्यक्ति को अपनी ज़िंदगी चुनने का अधिकार मिले। लोग इस्लामी कानून के खिलाफ इसलिए विरोध नहीं कर रहे कि वे धर्म को पूरी तरह छोड़ दें, बल्कि क्योंकि वे चाहते हैं कि राज्य धर्म के बजाय व्यक्तिगत आज़ादी, समानता और आधुनिक जीवन‑शैली को प्राथमिकता दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.