Arvind Kejriwal
Arvind Kejriwal: मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध और उसके कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट के बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारत ने अपने लंबे समय से सहयोगी रहे ईरान से दूरी बनाकर अमेरिका और इज़राइल का साथ दिया है, जिसकी वजह से देश को अब भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह रुख भारत की विदेश नीति को कमजोर करता है और इससे देश की प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है। केजरीवाल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ट्रंप के सामने झुक गए हैं और इस कारण देश की जनता नाराज़ है।
Arvind Kejriwal ने कही ये बड़ी बात
केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा मध्य-पूर्व संकट के कारण भारत में एलपीजी की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। उनके मुताबिक देश में LPG उत्पादन करीब 50 प्रतिशत तक घट गया है। उन्होंने बताया कि भारत अपनी कुल LPG जरूरतों के लिए लगभग 60 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात करता है और इसमें से करीब 90 प्रतिशत तेल होरमुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। लेकिन युद्ध के कारण यह अहम समुद्री मार्ग फिलहाल बंद हो गया है। इसके चलते भारत के तेल आयात में भारी गिरावट आई है और इसका सीधा असर गैस उत्पादन और सप्लाई पर दिखाई दे रहा है।
मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कही ये बात
AAP नेता ने कहा कि सरकार को पहले से इस तरह की स्थिति के लिए तैयारी करनी चाहिए थी और वैकल्पिक ऊर्जा आपूर्ति के स्रोत मजबूत करने चाहिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति में संतुलन बनाए रखना जरूरी होता है, ताकि किसी अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित न हो। Arvind Kejriwal के बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। वहीं केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य-पूर्व का तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो भारत सहित कई एशियाई देशों में ईंधन और गैस की सप्लाई पर और दबाव बढ़ सकता है।
