पश्चिम एशिया संकट (West Asia Crisis) लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में दावा किया कि वॉशिंगटन और तेहरान (Tehran) के बीच पिछले दो दिनों में “बहुत अच्छी और उत्पादक” वार्ता हुई। ट्रंप ने ईरानी ऊर्जा ढांचे (Iranian Energy Infrastructure) पर संभावित हमलों को रोकने के लिए पांच दिनों की रोक की घोषणा भी की। हालांकि, ईरान ने तुरंत इस दावे को खारिज कर दिया और राज्य-सम्बद्ध मीडिया ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच न तो कोई प्रत्यक्ष वार्ता हुई और न ही कोई अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency – IEA) के कार्यकारी निदेशक फैटिह बाय्रोल (Fatih Birol) ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति अत्यंत गंभीर है और यह 1970 के दो ऊर्जा संकटों से भी ज्यादा खतरनाक है। बाय्रोल ने ऑस्ट्रेलिया के नेशनल प्रेस क्लब में कहा कि इस संकट का सबसे बड़ा समाधान होरमूज जलसन्धि (Strait of Hormuz) का पुनः खुलना है, जिसे ईरान ने effectively ब्लॉक कर रखा है।
ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे में Strait of Hormuz पूरी तरह नहीं खुला तो अमेरिका ईरानी पावर प्लांट्स को “obliterate” कर देगा। इसके जवाब में ईरान ने कहा कि किसी भी हमले पर वह अमेरिकी और इजरायली ऊर्जा और बुनियादी ढांचे (U.S. and Israeli Energy & Infrastructure) पर हमले करेगा।
इस तनाव के बीच ईरानी मिसाइलों ने शनिवार देर रात दक्षिणी इजरायल के दो समुदायों को निशाना बनाया। इन हमलों में दर्जनों लोग घायल हुए और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। ये हमले इजरायल के मुख्य परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास हुए और इससे संकेत मिलता है कि युद्ध (Israel-Iran Conflict) चौथे सप्ताह में प्रवेश करते ही नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है।
हाल ही के इस तनाव ने वैश्विक तेल बाजार (Global Oil Market) को भी प्रभावित किया है। Strait of Hormuz के बंद होने के कारण तेल की आपूर्ति बाधित हो रही है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। फैटिह बाय्रोल ने चेतावनी दी कि अगर यह जलसन्धि जल्द नहीं खुली तो वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
इस युद्ध में अब तक जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। ईरान में 1,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, लेबनान में 1,000 से ज्यादा, इजरायल में 15 और अमेरिकी सैनिकों की संख्या 13 है। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में समुद्री और जमीन पर कई नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। लाखों लोग लेबनान और ईरान में विस्थापित हो चुके हैं, जिससे मानव संकट और बढ़ गया है।
ट्रम्प इस समय घरेलू दबाव (Domestic Pressure) का सामना कर रहे हैं, क्योंकि बढ़ती तेल की कीमतों और Strait of Hormuz की सुरक्षा को लेकर अमेरिका में चिंताएं बढ़ रही हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कड़ा संदेश देते हुए ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया संकट का समाधान नहीं हुआ तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतें और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही अमेरिका-ईरान तनाव, इजरायल और लेबनान को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है।
पश्चिम एशिया में ईरान-यूएस तनाव, Strait of Hormuz की सुरक्षा, ईरानी मिसाइल हमले और वैश्विक तेल संकट (Oil Crisis) ने क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति को अस्थिर कर दिया है। आने वाले दिनों में वार्ता या सैन्य कार्रवाई पर नजरें टिकी होंगी, जो पूरे क्षेत्र की दिशा तय कर सकती हैं।
