शिक्षा मंत्री पर संकट? CJP ने आंदोलन तेज करने का ऐलान
देश में परीक्षा प्रणाली को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब सियासत भी तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अपना आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया है। इस मुद्दे ने अब देशभर में छात्र राजनीति और शिक्षा व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। CJP का आरोप है कि NEET-UG पेपर लीक और 12वीं कक्षा की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़ी समस्याओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है।
क्या है पूरा मामला?
CJP का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस जवाबदेही तय नहीं की गई है। पार्टी का आरोप है कि शिक्षा मंत्रालय इस पूरी स्थिति के लिए जिम्मेदार है। इसी कारण CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई है और इसे लेकर देशभर में आंदोलन तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुणे से शुरू होगा आंदोलन का नया चरण
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर समर्थकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पुणे में होने वाले प्रदर्शन में शामिल हों। यह प्रदर्शन गुरुवार को सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर प्रतिमा स्थल पर शाम 4 बजे शुरू होगा। पार्टी ने कहा है कि यह आंदोलन सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे देश के कई बड़े शहरों में फैलाया जाएगा।
सोनम वांगचुक की भागीदारी से बढ़ा आंदोलन का असर
CJP ने दावा किया है कि प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk भी इस पुणे प्रदर्शन में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि इससे पहले वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में भी शामिल हो चुके हैं। CJP का मानना है कि उनकी भागीदारी से आंदोलन को और ज्यादा समर्थन मिलेगा और छात्र वर्ग बड़ी संख्या में जुड़ सकता है।
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
CJP ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, तो 20 जून से नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना शुरू किया जाएगा। पार्टी का दावा है कि देशभर के छात्र और युवा इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे और जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
NEET-UG री-एग्जाम पर सरकार का रुख
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG री-एग्जाम को लेकर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। मंत्री ने कहा कि 21 जून को होने वाला री-एग्जाम पूरी तरह निष्पक्ष और सुचारू रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया कि परिणाम समय पर जारी किए जाएंगे ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
बढ़ता विवाद और राजनीतिक असर
NEET-UG विवाद अब केवल परीक्षा प्रणाली का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बनता जा रहा है। विपक्ष और छात्र संगठन लगातार सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। अगर यह आंदोलन और तेज होता है, तो आने वाले समय में शिक्षा नीति और परीक्षा प्रणाली पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
CJP ने साफ कर दिया है कि उनका आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। पुणे प्रदर्शन के बाद इसे देशव्यापी स्तर पर ले जाने की तैयारी है। अगर सरकार और आंदोलनकारी पक्ष के बीच बातचीत नहीं होती, तो जंतर-मंतर पर होने वाला धरना इस विवाद को और बड़ा रूप दे सकता है।