Monsoon Update: देश के 620 जिलों में बारिश की कमी, IMD की बड़ी चेतावनी
देशभर में लोग मानसून की तेज रफ्तार का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ताजा Monsoon Update ने मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। जून का तीसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद मानसून देश के बड़े हिस्से तक नहीं पहुंच पाया है। 17 जून की सैटेलाइट तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के ऊपर मानसूनी बादल लगभग नदारद दिखाई दिए। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश के 723 जिलों में से केवल 103 जिलों में सामान्य बारिश दर्ज की गई है, जबकि लगभग 40 प्रतिशत हिस्से में सामान्य से कम वर्षा हुई है।
आखिर Monsoon Update में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने की वजह क्या है?
ताजा Monsoon Update के अनुसार बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया का निर्माण नहीं होना मानसून की धीमी गति की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे सिस्टम मानसूनी हवाओं को मजबूती देते हैं और बादलों को तेजी से आगे बढ़ाते हैं। लेकिन इस बार मजबूत मौसम प्रणाली विकसित नहीं हो पाई, जिसके कारण मानसून की प्रगति प्रभावित हुई है। 4 जून को केरल पहुंचने के बाद मानसून 19 राज्यों तक तो पहुंच गया, लेकिन पिछले सात दिनों से तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में ही रुका हुआ है। यही कारण है कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में मानसून की एंट्री में देरी हो रही है।
किन राज्यों में सबसे ज्यादा महसूस हो रही है मानसून की देरी?
इस Monsoon Update में सबसे ज्यादा चर्चा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान की हो रही है। इन राज्यों में किसान और आम लोग दोनों मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि मानसून की देरी के बावजूद प्री-मानसून गतिविधियों और स्थानीय मौसम प्रणालियों ने तापमान को नियंत्रण में रखा है। कई राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे नीचे बना हुआ है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, ओडिशा और महाराष्ट्र में हीटवेव की स्थिति में भी राहत देखने को मिली है। इससे लोगों को भले ही गर्मी से राहत मिली हो, लेकिन खेती और जल संसाधनों के लिए मानसूनी बारिश अभी भी जरूरी बनी हुई है।
अगले दो दिनों में किन राज्यों में बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग के Monsoon Update के मुताबिक 18 और 19 जून को देश के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है। 18 जून को बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार में कुछ स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 19 जून को भी सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ वर्षा हो सकती है।
जेट स्ट्रीम मानसून की रफ्तार को कैसे प्रभावित कर रही है?
विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा Monsoon Update में जेट स्ट्रीम की भूमिका बेहद अहम है। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं होती हैं, जो मौसम प्रणालियों को प्रभावित करती हैं। ये हवाएं पृथ्वी की सतह से लगभग 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर बहती हैं। जेट स्ट्रीम मानसूनी बादलों और पश्चिमी विक्षोभ दोनों की दिशा और ताकत को प्रभावित करती है। मौसम विभाग का कहना है कि जैसे ही जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होगा, मानसूनी हवाओं को मजबूती मिलेगी और मानसून तेजी से आगे बढ़ सकेगा। अगले चार से पांच दिनों में इसके अनुकूल परिस्थितियां बनने की संभावना है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार में मौसम का क्या हाल है?
ताजा Monsoon Update के अनुसार राजस्थान में प्री-मानसून बारिश के कारण गर्मी में काफी कमी आई है। मौसम विभाग ने बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा समेत 23 जिलों में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अब 21 से 23 जून के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक तेलंगाना में मानसून के रुकने का सीधा असर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ पर पड़ा है। बिहार में मानसून की रफ्तार धीमी होने से कई जिलों में उमस भरी गर्मी बनी हुई है। पटना समेत सात जिलों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।
क्या आने वाले दिनों में Monsoon Update बेहतर खबर ला सकता है?
मौसम विभाग को उम्मीद है कि आगामी दिनों में Monsoon Update बेहतर तस्वीर दिखा सकता है। यदि बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम विकसित होता है और जेट स्ट्रीम कमजोर पड़ती है तो मानसून की गति तेज हो सकती है। हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में पहले से ही प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। फिलहाल देशभर की नजर मानसून की अगली चाल पर टिकी हुई है, क्योंकि कृषि, जल भंडारण और आम जनजीवन के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।