प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 Summit 2026 के दौरान फ्रांस के एवियन में हुई अपनी यात्रा की विशेष झलकियां साझा करते हुए दुनिया के सामने भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत और प्रभाव को प्रदर्शित किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो में पीएम मोदी को कई विश्व नेताओं के साथ गर्मजोशी से बातचीत करते देखा गया। खास तौर पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनके दोस्ताना अंदाज और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई महत्वपूर्ण चर्चा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब सुर्खियां बटोरीं। प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि G7 सम्मेलन वैश्विक चुनौतियों और महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श का एक प्रभावी मंच साबित हुआ, जहां दुनिया के प्रमुख नेताओं ने साझा हितों और भविष्य की चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की।
G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ‘AI के सुरक्षित, तेज और प्रभावी कार्यान्वयन’ विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता मानव सभ्यता की दिशा बदलने की क्षमता रखती है, लेकिन इसका विकास मानव कल्याण और सामाजिक समावेशन को केंद्र में रखकर होना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत के मानव-केंद्रित AI मॉडल पर जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने, सुरक्षा बढ़ाने और सार्वजनिक हित को आगे बढ़ाने के लिए होना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत ने हाल ही में AI Impact Summit की मेजबानी की थी, जहां जिम्मेदार और समावेशी AI विकास पर व्यापक चर्चा हुई थी।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने AI विकास के लिए चार महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि AI सिस्टम डिजाइन स्तर पर ही सुरक्षित होने चाहिए और उनके लिए वैश्विक मानक, परीक्षण ढांचे तथा नियामक दिशानिर्देश तय किए जाने चाहिए। इसके अलावा डीपफेक, साइबर धोखाधड़ी और गलत सूचना जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि AI के लाभ केवल विकसित देशों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों तक भी समान रूप से पहुंचें। G7 सम्मेलन में भारत की सक्रिय भागीदारी और विश्व नेताओं के साथ बढ़ती नजदीकियां इस बात का संकेत हैं कि भारत आज वैश्विक राजनीति, तकनीक और आर्थिक सहयोग के केंद्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।