Jharkhand Student Protest
Jharkhand Student Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार 13 अगस्त को रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि प्रशासन आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से 12 दिनों से अनशन कर रहे जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो की सेहत से जुड़ी जानकारी छिपा रहा है। भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग को लेकर छात्र पिछले करीब 20 दिनों से रांची में आंदोलन कर रहे हैं।
देवेंद्र नाथ महतो की सेहत की जानकारी छिपाने का आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सवाल उठाया कि देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है और उन्हें सदर अस्पताल में उनसे मिलने की अनुमति क्यों नहीं मिल रही। छात्रों का आरोप है कि महतो तक पहुंचने के रास्ते को जानबूझकर बंद किया गया है। ‘जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच’ के अध्यक्ष रामावतार महतो ने कहा कि हजारों छात्र इस आंदोलन से जुड़े हुए हैं और देवेंद्र नाथ महतो की सेहत को लेकर सभी चिंतित हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।
विधानसभा मार्च के बाद बिगड़ी थी देवेंद्र महतो की तबीयत
जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत कथित तौर पर सोमवार को प्रदर्शनकारियों द्वारा आयोजित झारखंड विधानसभा मार्च में शामिल होने के बाद बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। महतो 12 दिनों से अनशन पर थे। छात्रों के अनुसार, उन्होंने बुधवार 12 अगस्त की रात रांची के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित प्रदर्शन स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी थी। महतो का कहना है कि उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है, लेकिन उनका मन आंदोलनरत छात्रों और युवाओं के साथ है।
मेरी आत्मा सत्याग्रह स्थल पर है- देवेंद्र नाथ महतो
देवेंद्र नाथ महतो ने सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में कहा कि उन्होंने सिविल सर्जन से विरोध स्थल पर जाने की अनुमति मांगी है। उन्होंने कहा, “अस्पताल में मेरे शरीर का इलाज चल रहा है, लेकिन मेरी आत्मा सत्याग्रह स्थल पर है।” उन्होंने आंदोलन को युवाओं के भविष्य और न्याय से जुड़ा संघर्ष बताया। वहीं, रामावतार महतो ने भी सिविल सर्जन को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों की चिंताओं से अवगत कराया। छात्रों का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस कार्रवाई नहीं होती।
पारदर्शिता और CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
आंदोलनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित अनियमितताओं से जुड़ी कई परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI या झारखंड के बाहर के रिटायर्ड जजों की एक स्वतंत्र समिति से कराई जाए। छात्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच से ही भर्ती परीक्षाओं पर युवाओं का भरोसा बहाल हो सकता है। रांची में जारी यह आंदोलन अब झारखंड की भर्ती परीक्षा व्यवस्था और युवाओं की मांगों को लेकर एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।