September 21, 2026

Abstar News

Latest News, Breaking News & Updates

Kiren Rijiju: न्यूयॉर्क में तिरंगे के कथित अपमान पर भड़के Kiren Rijiju, बोले झंडे का अपमान पड़ेगा महंगा

Kiren Rijiju

Kiren Rijiju

Kiren Rijiju ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोगों को आरएसएस, बीजेपी या सरकार की आलोचना करने की पूरी आजादी है, लेकिन देश और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भारत और उसके झंडे का अपमान करने वालों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

मोहन भागवत के कार्यक्रम से पहले हुआ प्रदर्शन

यह विरोध प्रदर्शन 29 अगस्त को उस समय हुआ, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन को संबोधित करने वाले थे। कार्यक्रम से पहले हुए प्रदर्शन का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें कथित तौर पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किए जाने का दावा किया गया। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

Kiren Rijiju ने वीडियो शेयर कर प्रदर्शनकारियों को दिया संदेश

Kiren Rijiju ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए प्रदर्शनकारियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी को भी आरएसएस, बीजेपी या केंद्र सरकार की आलोचना करने से नहीं रोका जा रहा है, लेकिन देश को बुरा-भला कहना और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना स्वीकार्य नहीं है। रिजिजू ने लोगों से भारतीय तिरंगे और देश के सम्मान को बनाए रखने की अपील भी की।

ग्लोबल आउटरीच दौरे के तहत अमेरिका पहुंचे मोहन भागवत

मोहन भागवत अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम के तीन देशों के ग्लोबल आउटरीच दौरे के पहले चरण में न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत स्थानीय संगठनों के निमंत्रण पर वे अमेरिका पहुंचे। मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन में उन्होंने प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर अपने विचार रखे।

प्रवासी भारतीयों को कर्मभूमि के प्रति जिम्मेदारी का संदेश

अपने संबोधन में मोहन भागवत ने कहा कि भारत प्रवासी भारतीयों की जन्मभूमि है, जबकि जिस देश में वे रहते और काम करते हैं, वह उनकी कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उस देश के प्रति वफादार रहना चाहिए, जहां वे निवास करते हैं। भागवत ने भारतीय मूल के लोगों से जन्मभूमि से मिले मूल्यों को आगे बढ़ाने और अपनी कर्मभूमि के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.