अंबेडकर यूनिवर्सिटी छात्र धरना: 17वें दिन भी प्रदर्शन जारी, जय भीम कॉमरेड की स्क्रीनिंग के दौरान हिंसा के आरोप
अंबेडकर यूनिवर्सिटी छात्र धरना
दिल्ली की अंबेडकर यूनिवर्सिटी (AUD) में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना 17वें दिन भी जारी है। AISA के नेतृत्व में AUDSC KP के बैनर तले छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच कैंपस में तनाव का माहौल बना हुआ है। डॉक्यूमेंट्री ‘जय भीम कॉमरेड’ की स्क्रीनिंग के दौरान हिंसा और छात्रों के साथ बदसलूकी के आरोप सामने आए हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग बढ़ा दी है और अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया है।
पोस्टर फाड़ने और बिजली काटने के आरोप
विवाद धरने के 16वें दिन उस समय बढ़ा, जब छात्र डॉ. बी.आर. अंबेडकर के जीवन, विचारों और सामाजिक संघर्षों पर चर्चा के लिए ‘वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ पर जुटे थे। इसी दौरान डॉक्यूमेंट्री ‘जय भीम कॉमरेड’ की स्क्रीनिंग आयोजित की गई। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने कार्यक्रम रोकने की कोशिश की और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट की। छात्रों के मुताबिक, पोस्टर और चादरें फाड़ दी गईं और शाम छह बजे परिसर की बिजली काट दी गई, जिससे स्क्रीनिंग बाधित हुई। महिला छात्रों ने भी कथित दुर्व्यवहार और चोट लगने की शिकायत की है।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुरक्षा अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि घटना के दौरान अली नाम के एक छात्र के साथ मारपीट की गई और उसकी धार्मिक पहचान को लेकर धमकियां दी गईं। उनके मुताबिक, छात्र से कथित तौर पर कहा गया, “अपना नाम भूल जाओ, अब तुम्हारा काम तमाम है।” प्रदर्शनकारी इसे सांप्रदायिक धमकी बता रहे हैं और छात्र की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं। हालांकि, ये आरोप छात्रों की ओर से लगाए गए हैं।
छात्रों ने जताई नाराजगी
घटना के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन तेज कर दिया है। उनका कहना है कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर के नाम पर बने विश्वविद्यालय में उनके विचारों और सामाजिक संघर्षों पर अकादमिक चर्चा को रोकना स्वीकार नहीं किया जा सकता। छात्रों ने महिलाओं और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने के आरोपों पर भी नाराजगी जताई। साथ ही, उन्होंने कैंपस में सुरक्षा के नाम पर बढ़ाई जा रही सख्ती पर सवाल उठाए हैं।
अनिश्चितकालीन धरना जारी
अंबेडकर यूनिवर्सिटी छात्र धरना अब कैंपस के सभी प्रवेश द्वार खोलने और आवाजाही पर लगी पाबंदियां हटाने की मांग पर केंद्रित है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक सभी गेट पूरी तरह नहीं खोले जाते और छात्रों की आवाजाही सामान्य नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। दूसरी ओर, परिसर के प्रवेश द्वारों पर बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती के बीच तनाव बना हुआ है। फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अड़े हैं और धरना खत्म करने के संकेत नहीं दिए हैं।
