मेरठ सर्पदंश हत्याकांड: पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा, जानें पूरा मामला
मेरठ सर्पदंश हत्याकांड
मेरठ सर्पदंश हत्याकांड में अदालत ने अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों को पहले ही हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी करार दिया गया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस चर्चित मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। फैसला सुनाए जाने के बाद अमित की मां मुनेश देवी भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय मिला है।
बिस्तर पर मिला था शव और जिंदा सांप
यह घटना 13 अप्रैल 2025 की है। मेरठ के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला था। शव के नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ था। अमित के शरीर पर सांप के काटने के 10 निशान भी बताए गए थे। शुरुआत में परिवार को उसकी मौत सर्पदंश से होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, अमित का गला, नाक और मुंह दबाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई।
प्रेम संबंधों में बाधा बनने पर हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे। पुलिस का कहना था कि अमित को इसकी जानकारी होने के बाद उसने विरोध किया था। जांच में सामने आया कि 12 अप्रैल 2025 की रात अमित के हाथ पकड़े गए और उसका गला घोंट दिया गया। इसके बाद हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर जिंदा सांप छोड़ने की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक, अमरदीप ने माता के जागरण का बहाना बनाकर सपेरे कृष्ण से एक हजार रुपये में सांप खरीदा था।
12 गवाहों की गवाही और फोन कॉल से जुड़े अहम तथ्य
मेरठ सर्पदंश हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना के 24 घंटे के भीतर रविता और अमरदीप के बीच 51 बार फोन पर बातचीत हुई थी। अमित के भाई मोनू कश्यप ने 16 अप्रैल 2025 को दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृतक के भाई, मां, सपेरों, चिकित्सक और पुलिस अधिकारियों समेत 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद 26 जून 2025 को अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया था।
अदालत के फैसले के बाद अमित की मां ने क्या कहा?
अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद रविता और अमरदीप को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी माना और दोनों को मृत्युदंड सुनाया। फैसला सुनने के लिए अमित की मां मुनेश देवी अदालत पहुंची थीं। फैसले के बाद उन्होंने कहा कि उनके बेटे के साथ जो हुआ, उसके बाद अब उन्हें न्याय मिला है। इसी दौरान मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सौरभ की मां भी अदालत का फैसला सुनने पहुंची थीं, जहां मुस्कान और साहिल को भी मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने का उल्लेख किया गया।
