January 24, 2026

यूपी में हरित उद्योगों के लिए यीडा की नई भूखंड योजना शुरू

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में पर्यावरण के अनुकूल उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई भूखंड योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत कुल 55 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया जाएगा, जो यीडा के सेक्टर-29, 32 और 33 में स्थित हैं। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना का उद्देश्य और महत्व
इस योजना का मुख्य उद्देश्य न केवल निवेश को आकर्षित करना है, बल्कि स्वच्छ और हरित उद्योगों को बढ़ावा देना भी है। यह योजना यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एरिया (फेज-1) के विकास को गति प्रदान करेगी और मास्टर प्लान-2041 को धरातल पर उतारने में सहायता करेगी। इसके माध्यम से उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ‘मेक इन इंडिया’ व ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को बल मिलेगा।

भूखंडों का विवरण और आवंटन प्रक्रिया
योजना के अंतर्गत 8000 वर्ग मीटर तक के 50 छोटे भूखंड और उससे बड़े 5 भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध होंगे। इन भूखंडों की कीमत 64.16 लाख रुपये से शुरू होकर 22.91 करोड़ रुपये तक है। सबसे बड़ा भूखंड सेक्टर-32 में 17,020 वर्ग मीटर का है। सभी भूखंडों का आवंटन पारदर्शी ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 29 मई तक खुली रहेगी, और जुलाई के पहले सप्ताह तक ई-नीलामी पूरी हो जाएगी। यदि किसी भूखंड के लिए तीन से कम वैध बोलियां प्राप्त होती हैं, तो वह भूखंड नीलामी में शामिल नहीं होगा, और आवेदक को पूरी फीस वापस कर दी जाएगी।

प्राथमिकता वाले उद्योग
इस योजना में एमएसएमई, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), हस्तशिल्प, फर्नीचर उद्योग, टॉय और अपैरल पार्क जैसी इकाइयों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। लगभग 240 प्रकार के गैर-प्रदूषणकारी उद्योग इस योजना के तहत भूखंड प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। इनमें दाल मिल, टेलीकम्यूनिकेशन उपकरण, एक्स-रे मशीन, वॉटर प्यूरीफायर जैसे उत्पाद बनाने वाले उद्योग शामिल हैं। इससे उत्तर प्रदेश की पारंपरिक शिल्प और लघु उद्योगों को नई पहचान और बाजार प्राप्त होगा।

ODOP और हरित उद्योगों का योगदान
उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP योजना ने पहले ही प्रदेश के कुटीर, हस्तशिल्प और पारंपरिक उद्योगों को नई ताकत प्रदान की है। इस नई भूखंड योजना के माध्यम से हरित और गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों की स्थापना से स्थानीय रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। साथ ही, यह योजना पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

आवेदन और अधिक जानकारी
इच्छुक उद्यमी यीडा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर योजना का ब्रोशर डाउनलोड कर सकते हैं और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना न केवल औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।

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