बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर फिर धमाका: ट्रेन के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, कई यात्री घायल

मस्तुंग में भयानक हादसा

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर आतंकी हमले ने दहशत मचा दी। मस्तुंग जिले के दश्त इलाके में मंगलवार को जाफर एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी पर जबरदस्त धमाका हुआ, जिसमें ट्रेन के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए। एक डिब्बा पूरी तरह पलट गया, जबकि अन्य को भारी नुकसान पहुंचा। यह ट्रेन पेशावर से क्वेटा की ओर जा रही थी। IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से लगाया गया यह धमाका इतना जोरदार था कि यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। महिलाओं और बच्चों समेत सैकड़ों यात्री फंस गए, और चीख-पुकार के बीच बचाव कार्य शुरू हो गया।

राहत कार्य और चश्मदीदों का बयान

राहत और बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पाकिस्तान रेलवे के क्वेटा डिविजनल सुपरिंटेंडेंट इमरान हयात ने बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। जिला प्रशासन और सुरक्षा बलों की मदद से घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में डिब्बे पलटे हुए दिख रहे हैं, जहां लोग धूल-मिट्टी में फंसे हुए चीख रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कम से कम 4 से 12 यात्री घायल हुए हैं, लेकिन मृतकों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है। पाकिस्तानी रेल मंत्री हनीफ अब्बासी ने जांच के आदेश दिए हैं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट्स से पता चलता है कि घटना के तुरंत बाद वीडियो शेयर किए गए, जिसमें धुआं और उथल-पुथल साफ दिख रही है। एक यूजर ने लिखा, “जाफर एक्सप्रेस फिर निशाना बनी, बलूचिस्तान में अराजकता बढ़ रही है।”

बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस पर फिर धमाका: ट्रेन के 6 डिब्बे पटरी से उतरे, कई यात्री घायल

एक ही इलाके में दो हमले: सुरक्षा पर सवाल

चौंकाने वाली बात यह है कि धमाके से कुछ घंटे पहले ही इसी इलाके में पाकिस्तानी सेना के जवानों पर हमला हुआ था। सुबह रेलवे ट्रैक साफ करने के दौरान सैनिकों को निशाना बनाया गया। एक ही दिन में दो बड़े धमाके बलूचिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) या बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स जैसे संगठनों पर शक है, हालांकि अभी तक किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली। एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने हमले की जिम्मेदारी ली, जो ट्रेन में सवार सेना के जवानों को निशाना बनाने का प्रयास था। यह घटना अगस्त 2025 में हुए इसी ट्रेन पर हमले की याद दिलाती है, जब 5 डिब्बे पटरी से उतर गए थे।

पिछले हमलों का इतिहास: बार-बार निशाना

जाफर एक्सप्रेस बलूचिस्तान में आतंकवादियों का पसंदीदा निशाना बन चुकी है। मार्च 2025 में इसी ट्रेन का अपहरण हो गया था, जिसमें 31 लोग मारे गए और 450 से ज्यादा यात्रियों को बंधक बनाया गया। BLA ने उस हमले की जिम्मेदारी ली थी। उससे पहले मार्च 2024 में भी 6 सैन्यकर्मी शहीद हुए थे। जुलाई 2025 में बोलन मेल ट्रेन पर धमाका हुआ, और अगस्त में जाफर एक्सप्रेस फिर पटरी से उतरी। ये हमले बलूचिस्तान की रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को कमजोर करने का हिस्सा लगते हैं, जहां अलगाववादी समूह पाकिस्तानी सेना और नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। अमेरिका ने BLA और उसके मेजीद ब्रिगेड को आतंकी संगठन घोषित किया है।

बलूचिस्तान की अस्थिरता: चेतावनी का संकेत

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है, जहां 1948 से अलगाववादी विद्रोह चला आ रहा है। बलूच समुदाय का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना जबरन गायब करने और संसाधनों के शोषण में लिप्त है। लगातार हमले—चाहे चाइनीज कंसुलेट पर हो या ग्वादर होटल पर—देश की आंतरिक स्थिरता को चुनौती दे रहे हैं। यह घटना साबित करती है कि पाकिस्तान अपनी रेल पटरियों और नागरिकों की सुरक्षा में नाकाम हो रहा है। सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं, लेकिन बिना ठोस कदमों के ये हमले जारी रहेंगे। बलूचिस्तान की यह अस्थिरता न केवल पाकिस्तान, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजनीतिक समाधान ही इस चक्र को तोड़ सकता है, वरना और जानें जाएंगी।

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