Ahmedabad Plane Crash Anniversary! गुजरात की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने पेश की थी मिसाल
12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ एअर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसा देश की सबसे दर्दनाक विमान दुर्घटनाओं में से एक माना जाता है। लंदन जा रही यह उड़ान अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के कुछ ही मिनट बाद मेघानीनगर स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 241 लोगों और जमीन पर मौजूद 19 लोगों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि केवल एक यात्री चमत्कारिक रूप से जीवित बच पाया था। हादसे की पहली बरसी पर गुजरात के अधिकारियों, डॉक्टरों और राहत एजेंसियों ने उस कठिन दौर को याद किया, जब पूरा राज्य पीड़ित परिवारों की मदद और राहत कार्यों में जुट गया था।
हादसे के तुरंत बाद गुजरात प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, दमकल विभाग, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और स्वयंसेवी संगठनों ने अभूतपूर्व समन्वय का प्रदर्शन किया। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में मास-कैजुअल्टी प्रोटोकॉल लागू किया गया, ब्लड बैंकों को अलर्ट किया गया और ट्रॉमा टीमों को तत्काल सक्रिय किया गया। कुछ ही घंटों में दर्जनों घायल अस्पताल पहुंचने लगे, जिनके इलाज के लिए विशेष मेडिकल यूनिट्स बनाई गईं। अस्पताल प्रशासन ने ऑपरेशन थिएटरों को तैयार किया और एक पूरे वार्ड को आपातकालीन उपचार केंद्र में बदल दिया। इस दौरान डॉक्टरों, नर्सों और राहतकर्मियों ने लगातार कई दिनों तक काम कर हालात को नियंत्रित रखा।
हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करना थी, क्योंकि अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके थे। ऐसे में डीएनए परीक्षण ही पहचान का सबसे भरोसेमंद माध्यम बना। फॉरेंसिक टीमों ने दिन-रात मेहनत कर मृतकों की पहचान सुनिश्चित की और उनके पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपे। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इतनी भयावह त्रासदी कभी नहीं देखी थी। पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए विशेष हेल्प डेस्क और काउंसलिंग सेंटर भी बनाए गए थे। यह हादसा भले ही देश के लिए एक गहरा जख्म बन गया, लेकिन राहत और बचाव कार्यों में गुजरात की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने जिस समर्पण, संवेदनशीलता और टीमवर्क का परिचय दिया, वह आज भी आपदा प्रबंधन की एक मिसाल माना जाता है।
