खाली PG सीटें भरने की मजबूरी? NEET-PG में नेगेटिव स्कोर वालों को मौका, पूरी डिटेल

देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET-PG 2025 को लेकर एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसने मेडिकल एजुकेशन सिस्टम से जुड़े हर व्यक्ति को चौंका दिया है। केंद्र सरकार और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने तीसरे राउंड की काउंसलिंग के लिए कट-ऑफ में भारी कटौती करने का निर्णय लिया है।इस फैसले के बाद अब ऐसे उम्मीदवार भी PG मेडिकल काउंसलिंग में हिस्सा ले सकेंगे, जिनके अंक बेहद कम हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ कैटेगरी में नेगेटिव मार्क्स हासिल करने वाले उम्मीदवारों को भी पात्र माना गया है।जहां सरकार इसे खाली PG सीटें भरने की मजबूरी बता रही है, वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों, मेडिकल फैकल्टी और प्रोफेशनल संगठनों में इस फैसले को लेकर गंभीर चिंता भी जताई जा रही है।

सरकार ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया?

सरकार और NBEMS के मुताबिक, NEET-PG 2025 Counselling Round-1 और Round-2 के बाद भी देशभर में हजारों PG मेडिकल सीटें खाली रह गई थीं।सूत्रों के अनुसार:

  • राउंड-2 के बाद 18,000 से ज्यादा PG सीटें खाली पड़ी थीं
  • सरकारी और निजी दोनों तरह के मेडिकल कॉलेज प्रभावित
  • तीसरे राउंड तक पहुंचने के बाद भी कई कॉलेजों में छात्र नहीं मिल रहे थे

एक तरफ देश में डॉक्टरों की भारी कमी को लेकर संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर PG ट्रेनिंग सीटों का खाली रहना सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा था।इसी विरोधाभास को दूर करने के लिए सरकार ने कट-ऑफ घटाकर ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवारों को काउंसलिंग में लाने का फैसला किया।

डॉक्टर और मेडिकल संगठन क्यों चिंतित हैं?

इस फैसले के बाद मेडिकल प्रोफेशनल्स और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) की तरफ से गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं:

  • क्या कम अंकों वाले उम्मीदवार PG मेडिकल ट्रेनिंग के लिए तैयार हैं?
  • इससे मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता पर क्या असर पड़ेगा?
  • क्या यह फैसला मेडिकल एजुकेशन के स्टैंडर्ड से समझौता नहीं है?
  • कई संगठनों का कहना है कि सीटें भरना जरूरी है, लेकिन क्वालिटी से समझौता लंबे समय में स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

NEET-PG 2025 Cut Off विवाद आगे क्या?

फिलहाल NBEMS का यह फैसला तीसरे राउंड की काउंसलिंग के लिए लागू रहेगा। आने वाले दिनों में:

  • इस पर कानूनी चुनौती संभव
  • मेडिकल काउंसिल और सुप्रीम कोर्ट की नजर
  • भविष्य की NEET-PG परीक्षाओं के पैटर्न पर असर
  • एक बात तय है NEET-PG 2025 Cut Off में यह गिरावट भारतीय मेडिकल शिक्षा के इतिहास का सबसे बड़ा मोड़ मानी जा रही है।
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