बीजिंग में आयोजित चीन की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य परेड ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हजारों दर्शकों के सामने अपनी सेना की ताकत का भव्य प्रदर्शन किया। इस परेड में चीन ने यह साफ कर दिया कि उसकी सेना न सिर्फ आधुनिक है बल्कि हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार भी है।
परेड का भव्य नज़ारा
इस परेड में हज़ारों सैनिक, आधुनिक टैंक, फाइटर जेट्स, ड्रोन और कई अत्याधुनिक हथियार शामिल किए गए। चीन ने अपने कई नए हाइपरसोनिक मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस टेक्नोलॉजी भी प्रदर्शित की, जिन्हें पहली बार दुनिया के सामने लाया गया। इस प्रदर्शन ने चीन की तकनीकी क्षमता और उसकी सैन्य तैयारियों को एक नए स्तर पर दिखाया।
शी जिनपिंग का संदेश
परेड में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ कहा कि चीन की सेना किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गर्व और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए कहा कि चीन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करेगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
भारत सहित एशिया के सभी देशों की नज़र इस परेड पर टिकी रही। चीन का यह शक्ति प्रदर्शन सिर्फ घरेलू राजनीति नहीं बल्कि दुनिया के लिए एक स्ट्रॉन्ग मैसेज माना जा रहा है। खासकर ऐसे वक्त में जब दक्षिण चीन सागर, ताइवान और भारत-चीन सीमा विवाद जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में लगातार चर्चा में रहते हैं।
नए हथियारों की प्रदर्शनी
चीन ने इस परेड में अपने हाइपरसोनिक मिसाइल, नई जेनरेशन के एयर डिफेंस सिस्टम, नवीनतम फाइटर जेट्स और ड्रोन स्वार्म टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित किया। ये हथियार न सिर्फ एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए चीन की सैन्य क्षमता का संकेत माने जा रहे हैं।चीन की इस ऐतिहासिक सैन्य परेड ने एक बात स्पष्ट कर दी है बीजिंग अब सिर्फ एशिया नहीं बल्कि दुनिया को यह बताना चाहता है कि वह ग्लोबल पावर है। सवाल यही है कि क्या इस प्रदर्शन से एशिया का पावर बैलेंस बदल सकता है या फिर यह सिर्फ राजनीतिक संदेश तक ही सीमित रहेगा?

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