Chitrakoot Flood: मूसलाधार बारिश से मंदाकिनी उफान पर, कच्चा मकान गिरने से पिता और दो बच्चों की मौत
Chitrakoot Flood
Chitrakoot Flood: चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती सतना जिले में लगातार 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। Chitrakoot Flood की स्थिति के बीच मंदाकिनी नदी उफान पर है। गुरुवार को नदी का जलस्तर 129.500 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर बताया गया। निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
Chitrakoot Flood के बीच कच्चा मकान ढहा, तीन की मौत
कर्वी विकासखंड के भरतकूप थाना क्षेत्र स्थित सभापुर बरछा गांव में बुधवार देर रात बारिश के दौरान एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। हादसे के समय 30 वर्षीय कल्लू अपने परिवार के साथ घर में सो रहा था। मलबे में दबने से कल्लू, उसके छह वर्षीय बेटे अंश और चार वर्षीय बेटी गुड़िया की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में अफरातफरी मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया।
पड़ोसी पिता-पुत्री गंभीर रूप से घायल
Chitrakoot Flood और लगातार बारिश के बीच हुए इस हादसे में मृतक के पड़ोस में रहने वाले कुंत और उसकी पुत्री आंशिका भी मलबे की चपेट में आ गए। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे की जानकारी जुटाई। घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।
मंदाकिनी का बढ़ता जलस्तर, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
Chitrakoot Flood के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब तीन मीटर ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में निगरानी तेज कर दी है। लोगों को सतर्क रहने और खतरे वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने चित्रकूट और सतना में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है।
Chitrakoot Flood हादसे पर CM योगी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में हुए मकान गिरने के हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने और जनहानि व आर्थिक नुकसान का आकलन कर 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने के निर्देश भी दिए। Chitrakoot Flood की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
