Ram Mandir CEO: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पहली बार CEO की नियुक्ति
Ram Mandir CEO
Ram Mandir CEO: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के लिए पहली बार मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी Ram Mandir CEO की नियुक्ति की गई है। यह पद ट्रस्ट के पेशेवर प्रशासनिक हाथ के रूप में काम करेगा, लेकिन ट्रस्ट का स्थान नहीं लेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ट्रस्ट नीतियां तय करेगा और CEO उन्हें जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करेगा। ट्रस्ट फिलहाल महामंत्री और CEO के बीच अधिकारों का स्पष्ट विभाजन तय करने पर काम कर रहा है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का अधिकार टकराव न हो।
Ram Mandir CEO को ट्रस्ट से ऊपर नहीं मिलेगा अधिकार
नई व्यवस्था में Ram Mandir CEO को स्वतंत्र रूप से बड़े नीतिगत फैसले लेने वाली संस्था नहीं बनाया जाएगा। नीतिगत और बड़े वित्तीय निर्णयों का अंतिम अधिकार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास रहेगा। CEO सीधे ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेगा और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा। मंदिर में दर्शन, प्रवेश, कतार प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसी जिम्मेदारियां भी CEO की प्रशासनिक भूमिका का हिस्सा होंगी।
1882 करोड़ की उपलब्ध राशि और वित्तीय पारदर्शिता पर जोर
वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक लेखा-जोखा के अनुसार, ट्रस्ट को इस अवधि में 237 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि 91 करोड़ रुपये का व्यय दर्ज किया गया। मंदिर और अन्य निर्माण कार्यों पर 425 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया गया। 31 मार्च 2026 तक ट्रस्ट के पास 1,882 करोड़ रुपये की उपलब्ध राशि थी। Ram Mandir CEO की प्रशासनिक जिम्मेदारियों में दान-चढ़ावे, खर्च, खरीद और परियोजनाओं में तय प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना शामिल होगा, जबकि बड़े वित्तीय फैसले ट्रस्ट स्तर पर ही लिए जाएंगे।
तकनीक से चढ़ावे की गिनती और परियोजनाओं की निगरानी
ट्रस्ट के महामंत्री गोविंद देव गिरि के अनुसार, नकद चढ़ावे की गणना में मानवीय हस्तक्षेप कम करने के लिए तकनीकी व्यवस्था विकसित करने पर चर्चा हुई है। इस संबंध में दो बैंकों और एक आईआईटी से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है। Ram Mandir CEO मंदिर परिसर और उससे जुड़ी विकास परियोजनाओं की प्रगति, एजेंसियों के साथ समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी नजर रखेगा। पुलिस, प्रशासन और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
Ram Mandir CEO के साथ ट्रस्ट में संत समाज की केंद्रीय भूमिका
ट्रस्ट के नए स्वरूप में संत समाज की भूमिका मूल धुरी के रूप में बनी रहेगी। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास और महामंत्री स्वामी गोविंद देव गिरि जैसे महत्वपूर्ण पद संत समाज के पास हैं। ट्रस्ट में विभिन्न धार्मिक पीठों के जगद्गुरुओं और निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधित्व के जरिए धार्मिक परंपराओं और मंदिर के मूल स्वरूप में संत समाज की केंद्रीय भूमिका कायम रहेगी। Ram Mandir CEO प्रशासनिक व्यवस्था को पेशेवर रूप से मजबूत करेगा, जबकि धार्मिक और नीतिगत दिशा ट्रस्ट के पास रहेगी।
