
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्सर ऐसे मौके आते हैं जब किसी धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम का मंच भी राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बन जाता है। इस बार गोरखपुर में आयोजित होलिका दहन कार्यक्रम में कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यक्रम के दौरान न सिर्फ प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया, बल्कि अपने खास अंदाज में सांसद रवि किशन पर हल्का-फुल्का मजाक भी कर दिया।
उनके इस बयान ने एक तरफ जहां अपराधियों और हुड़दंगियों के खिलाफ कड़ी चेतावनी का संकेत दिया, वहीं मंच पर मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल भी बना दिया।
अब यह बयान सिर्फ कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है।
होलिका दहन के मंच से दिया गया संदेश
गोरखपुर में होलिका दहन का कार्यक्रम हर साल बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस मौके पर हजारों लोग एकत्र होते हैं और परंपरागत तरीके से बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माने जाने वाले इस पर्व को मनाते हैं।
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर जोर देते हुए कहा कि समाज में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो सिर्फ सख्ती की भाषा ही समझते हैं।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे तत्वों को समझाने से बात नहीं बनती और तब कड़ा कदम उठाना जरूरी हो जाता है।
“लातों के भूत बातों से नहीं मानते”
अपने भाषण के दौरान सीएम योगी ने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा—
“लातों के भूत बातों से नहीं मानते।”
उन्होंने यह बात उन लोगों के संदर्भ में कही जो समाज में अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं या कानून को चुनौती देते हैं।
उनका साफ संदेश था कि उत्तर प्रदेश में कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
यह बयान सीधे तौर पर प्रदेश में अपराधियों और माफिया तत्वों के खिलाफ चल रहे अभियान की ओर भी इशारा करता है।
हिरण्यकश्यप और नरसिंह अवतार का उदाहरण
अपने संबोधन को धार्मिक संदर्भ से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौराणिक कथा का उदाहरण भी दिया।
उन्होंने कहा कि जब हिरण्यकश्यप जैसे अत्याचारी का अंत करना जरूरी हो गया था, तब भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया था।
इसी उदाहरण के जरिए उन्होंने कहा कि जब समाज में अत्याचार बढ़ जाता है, तब कठोर कदम उठाना आवश्यक हो जाता है।
उनके इस बयान को कई लोग अपराधियों के खिलाफ सख्त चेतावनी के रूप में देख रहे हैं।
अपराध और माफिया पर सख्त रुख
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराध और माफिया के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए हैं।
अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और पुलिस एनकाउंटर जैसे कदमों ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा पैदा की है।
सरकार का दावा है कि इन कदमों के कारण अपराधियों में डर का माहौल बना है और प्रदेश में निवेश तथा व्यापार का माहौल बेहतर हुआ है।
सीएम योगी का हालिया बयान भी इसी नीति की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
मंच पर आया हल्का-फुल्का पल
हालांकि कार्यक्रम के दौरान सिर्फ सख्त संदेश ही नहीं दिया गया।
सीएम योगी ने गोरखपुर से सांसद और अभिनेता रवि किशन का जिक्र करते हुए एक मजाकिया टिप्पणी भी की, जिसने मंच का माहौल हल्का कर दिया।
उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—
“रवि किशन तो कहीं भी नाच-गाकर पैसा कमा सकते हैं… लेकिन बाबा कहां जाएंगे?”
इस टिप्पणी के बाद मंच पर मौजूद लोगों के बीच हंसी की लहर दौड़ गई।
रवि किशन और योगी की खास केमिस्ट्री
गोरखपुर से सांसद रवि किशन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच अच्छी राजनीतिक और व्यक्तिगत समझ मानी जाती है।
रवि किशन अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में अपने खास अंदाज और मनोरंजक शैली के लिए जाने जाते हैं।
इसी वजह से सीएम योगी की यह टिप्पणी भी एक हल्के-फुल्के मजाक के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
व्यापार और विकास पर भी जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के आर्थिक विकास और व्यापार की अहमियत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जब किसी क्षेत्र में व्यापार बढ़ता है तो उसका लाभ समाज के हर वर्ग को मिलता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से न सिर्फ प्रदेश का विकास होता है बल्कि धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं को भी मजबूती मिलती है।

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