CNG Price Hike: दिल्ली-एनसीआर के लोगों को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। राजधानी दिल्ली में शनिवार सुबह CNG की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी गई, जिसके बाद अब CNG का नया रेट 81.09 रुपये प्रति किलो हो गया है। खास बात यह है कि पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब CNG के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 17 मई को CNG के दाम में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 15 मई को 2 रुपये प्रति किलो का इजाफा किया गया था। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों, टैक्सी-ऑटो चालकों और छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली-एनसीआर में लाखों वाहन CNG पर चलते हैं, ऐसे में इसका सीधा असर लोगों के मासिक बजट और रोजमर्रा के खर्च पर पड़ने लगा है। बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहन उपयोगकर्ताओं पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
CNG Price Hike: जाने क्या क्या हुआ महंगा
सिर्फ CNG ही नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। नई कीमतों के अनुसार अब दिल्ली में पेट्रोल 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रोजमर्रा के सामानों की ढुलाई महंगी होने से बाजार में अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह इजाफा जारी रहा, तो आने वाले दिनों में परिवहन खर्च और महंगाई दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं। इसका असर मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लोगों पर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा।
लोगो में बढ़ी नाराज़गी, जाने वजह
ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ऑटो और कैब चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ते CNG और पेट्रोल-डीजल के दामों की वजह से उनकी कमाई प्रभावित हो रही है, जबकि यात्रियों से ज्यादा किराया वसूलना भी आसान नहीं है। वहीं, आम नागरिकों का कहना है कि पहले ही महंगाई ने घरेलू बजट बिगाड़ रखा है और अब बार-बार ईंधन महंगा होने से मुश्किलें और बढ़ रही हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार और तेल कंपनियों से राहत देने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में बढ़ती ईंधन कीमतें अब एक बड़ा आर्थिक और राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही हैं।