President Droupadi Murmu
President Droupadi Murmu: पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने ममता बनर्जी के रवईए पर सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ही में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 9वें इंटरनेशनल संताली कॉन्फ्रेंस का आयोदन किया गया। आपको बता दे कि इस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी पहुँची थी। और इसी मंच पर हुआ कुछ ऐसा के ममता बनर्जी एक बार फिर सवालों के घेरें में नज़र आ रही है। बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति के स्वागत के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उन्हें रिसीव करने पहुँचीं और न ही राज्य सरकार का कोई मंत्री कार्यक्रम स्थल पर दिखाई दिया। इस स्थिति ने प्रोटोकॉल और राज्य सरकार की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
President Droupadi Murmu: जाने क्या है पूरा विवाद
जानकारी के लिए बता दे कि कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंच से ही अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए चुना गया स्थान बेहद छोटा था। राष्ट्रपति ने कहा, “ममता मेरी छोटी बहन जैसी हैं मगर शायद वह मुझसे नाराज़ हैं। मुझे समझ नहीं आया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए इतनी छोटी जगह क्यों चुनी गई।” राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अगर यह कार्यक्रम बिधाननगर जैसे बड़े स्थान पर आयोजित किया जाता, तो इसमें लाखों लोग शामिल हो सकते थे। उनके मुताबिक, बिधाननगर में करीब पाँच लाख लोगों की भीड़ भी आसानी से इस सम्मेलन में शामिल हो सकती थी।
विवाद पर ममता बनर्जी ने किया पलटवार
वहीं इसके अलावा आपको बता दे कि President Droupadi Murmu के इस बयान पर ममता बनर्जी ने भी पलटवार किया है। अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति सचिवालय को जिला अधिकारियों द्वारा सूचित किया गया था कि आयोजक ठीक तरीके से तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति सचिवालय की टीम ने पांच मार्च को दौरा किया था, उन्हें व्यवस्थाओं की कमी से अवगत कराया गया था, फिर भी कार्यक्रम निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहा।”मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब उस कार्यक्रम में मौजूद थे, जो बंगाल सरकार द्वारा आयोजित नहीं किया गया था। ममता ने कहा, “अगर आप साल में एक बार आती हैं तो मैं आपका स्वागत कर सकती हूं, लेकिन अगर आप चुनाव के दौरान आती हैं, तो मेरे लिए आपके कार्यक्रमों में शामिल होना संभव नहीं होगा, क्योंकि मैं लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रही हूं।”
