पहलगाम आतंकी हमले पर क्रिकेट जगत का गुस्सा, श्रीवत्स गोस्वामी ने पाकिस्तान को लिया आड़े हाथ

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने देशभर में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे। यह घटना न केवल देशवासियों के दिलों को झकझोर कर रख दी है, बल्कि भारतीय क्रिकेट जगत के बड़े नाम भी इस हमले के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

पूर्व क्रिकेटर श्रीवत्स गोस्वामी ने इस हमले के बाद सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा व्यक्त किया और पाकिस्तान को लेकर कड़ी बातें कहीं। श्रीवत्स ने विशेष रूप से उन लोगों को निशाना बनाया, जो चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कह रहे थे कि खेल को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंधों पर पुनः सवाल उठाया।

श्रीवत्स गोस्वामी का गुस्सा

श्रीवत्स गोस्वामी, जो आईपीएल में चार टीमों (SRH, RR, RCB और KKR) का हिस्सा रह चुके हैं, ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “भारत को पाकिस्तान के साथ कभी भी क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए।” उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान पाकिस्तान के साथ भारत की टीम के खेलने का विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा। श्रीवत्स ने लिखा, “अब पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने का समय आ गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेल सकते। जब बीसीसीआई और सरकार ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान नहीं भेजने का फैसला लिया था, तो कुछ लोगों ने कहा था कि खेल को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। सच में? क्या यह वह लोग हैं जो कहते थे कि खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए? जहां तक मेरा सवाल है, पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल अब निर्दोष नागरिकों की हत्या करना लगता है। अगर वे इसी तरह खेलते हैं, तो समय आ गया है कि हम उन्हें उसी भाषा में जवाब दें, जो वे समझते हैं। बल्ले और गेंद से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प के साथ। गरिमा के साथ। शून्य सहनशीलता के साथ।”

श्रीवत्स गोस्वामी ने इस हमले के बाद अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए लिखा, “मैं क्रोधित हूं, टूटा हूं। कुछ महीने पहले, मैं लीजेंड्स लीग के लिए कश्मीर में था। मैं पहलगाम से होकर गुज़रा था, और मैंने वहां के लोगों की आंखों में वापस आई उम्मीदों को देखा था। मुझे लगा था कि यहां शांति कायम हो गई है, लेकिन अब फिर से यह रक्तपात हो गया है। इससे आप अंदर से टूट जाते हो। यह सवाल उठता है कि हमसे और कितनी बार यह अपेक्षाएं की जाएंगी कि हम चुप रहें और खेलते रहें, जबकि हमारे लोग मर रहे हैं।”

श्रीवत्स गोस्वामी का करियर और योगदान

श्रीवत्स गोस्वामी का क्रिकेट करियर शानदार रहा है। उन्होंने 61 फर्स्ट क्लास मैचों में 3019 रन बनाए हैं। आईपीएल के पहले सीज़न से खेलते हुए वह चार अलग-अलग टीमों (सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और कोलकाता नाइट राइडर्स) का हिस्सा रहे। आईपीएल में खेले गए 31 मैचों की 21 पारियों में उन्होंने 293 रन बनाए। उनका क्रिकेट करियर भले ही अब खत्म हो चुका हो, लेकिन उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट का विरोध

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंधों पर श्रीवत्स गोस्वामी के विचार न केवल क्रिकेट प्रेमियों बल्कि सामान्य जनता के बीच भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस हमले के बाद, श्रीवत्स ने साफ तौर पर कह दिया कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना भारत की शांति और सुरक्षा के खिलाफ है। वह मानते हैं कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद नहीं करता, तब तक भारत को उसके साथ किसी भी प्रकार के क्रिकेट संबंध नहीं रखने चाहिए।

देशभर में गुस्से की लहर

पहलगाम में हुए इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले ने सिर्फ क्रिकेट जगत को ही नहीं, बल्कि पूरे देश को हिला कर रख दिया है। देशभर से इस हमले की कड़ी निंदा की जा रही है। सोशल मीडिया पर क्रिकेटरों और आम जनता दोनों ही ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की है। लोगों का मानना है कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को रोकने के लिए भारत को कड़ा कदम उठाना चाहिए।

पाकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ भारत की ठोस रणनीति

भारत सरकार ने इस हमले के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट संबंध अब केवल एक सपना बन कर रह जाएंगे जब तक वह आतंकवाद को खत्म करने के लिए गंभीर कदम नहीं उठाता। भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने भी इस हमले के बाद अपनी तैयारी और संकल्प को मजबूत किया है ताकि ऐसे हमलों से निपटने में कोई कमी न हो।

श्रीवत्स गोस्वामी का यह बयान सिर्फ क्रिकेट जगत की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की भावनाओं का प्रतीक है। यह समय है जब हम एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़े हों और पाकिस्तान को यह संदेश दें कि भारत अपनी सुरक्षा और सम्मान को किसी भी कीमत पर चोट पहुंचने नहीं देगा। श्रीवत्स के गुस्से और भावनाओं से पूरी दुनिया को यह संदेश जाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी कीमत पर खड़ा रहेगा।

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