दिल्ली के द्वारका में अपार्टमेंट में भीषण आग, पिता और दो बच्चों की मौत

दिल्ली :दिल्ली के द्वारका सेक्टर-13 में मंगलवार सुबह एक भीषण अग्निकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया। शब्द अपार्टमेंट की नौवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर-191 में सुबह 10 बजे आग लगने की सूचना मिली। देखते ही देखते आग की लपटें निचली मंजिलों तक फैल गईं, और काला धुआं आसमान में छा गया। इस हादसे में एक पिता और उनके दो बच्चों की दुखद मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऊपरी मंजिल पर मौजूद लोगों ने खुद को बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन हालात बेकाबू होने पर मजबूरन उन्होंने बिल्डिंग से छलांग लगा दी।

पुलिस के अनुसार, आग की लपटों से बचने के लिए पिता और उनके दो बच्चों ने फ्लैट से नीचे छलांग लगाई, जिसके चलते वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी इंदिरा गांधी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया। इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड पर देरी से पहुंचने का गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां काफी देर बाद मौके पर पहुंचीं, जिसके कारण हालात और बिगड़ गए।

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दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने बताया कि सुबह 10 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही आठ फायर टेंडर तुरंत रवाना किए गए। स्टेशन ऑफिसर मुकुल भारद्वाज के नेतृत्व में 40 से अधिक फायरकर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। आग इतनी ऊंचाई पर थी कि सीढ़ी वाली विशेष गाड़ियों की मदद से पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित किया गया। इस दौरान कैट्स की एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

हादसे के दौरान शब्द अपार्टमेंट के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे द्वारका रोड पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। ट्रैफिक पुलिस की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जाम को खुलवाया और यातायात को सुचारू किया। स्थानीय लोगों में फायर ब्रिगेड की देरी को लेकर भारी नाराजगी देखी गई। कई लोगों का कहना था कि समय पर कार्रवाई होती तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।

आग लगने का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। यह हादसा दिल्ली में बढ़ती अग्निकांड की घटनाओं पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों को और सख्त करने की जरूरत है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं

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